20 की उम्र में दिखें ये संकेत तो हो जाएं सावधान, PMOS को लेकर डॉक्टर की चेतावनी
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) को प्रायः केवल अनियमित माहवारी एवं गर्भधारण से संबंधित जटिलता के रूप में देखा जाता है, परंतु महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। पैथोलॉजिस्ट डॉ. मायंका लोढ़ा सेठ के अनुसार, 20 वर्ष की आयु में अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर निरंतर मुंहासे, अचानक वजन वृद्धि और शरीर पर अत्यधिक बालों का आना जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
डॉक्टर के अनुसार, PCOS प्रजनन आयु वर्ग की लगभग 10 से 13 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है। इसके बावजूद एक बड़ी आबादी में समय पर इसका सही निदान नहीं हो पाता, क्योंकि अनेक युवतियां इन प्रारंभिक संकेतों को तनाव अथवा जीवनशैली से जोड़कर नजरअंदाज कर देती हैं।
हर महिला में भिन्न हो सकते हैं लक्षण
PCOS की प्रमुख चुनौती यह है कि इसके सभी लक्षण प्रत्येक महिला में एक समान अथवा एक साथ प्रकट नहीं होते। किसी महिला को त्वचा पर बार-बार मुंहासे हो सकते हैं, जबकि अन्य में केवल अनियमित मासिक धर्म चक्र देखा जाता है। विशेषज्ञों का परामर्श है कि महिलाओं को पृथक लक्षणों के स्थान पर उनके पैटर्न पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यदि माहवारी में परिवर्तन, मुंहासे और शरीर पर अत्यधिक बाल आने की समस्या लगातार बनी हुई है, तो विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श अनिवार्य है।
केवल अल्ट्रासाउंड से नहीं होता PCOS का अंतिम निदान
एक सामान्य भ्रांति यह है कि अल्ट्रासाउंड में ओवरी (अंडाशय) पर सिस्ट का दिखाई देना ही PCOS का मुख्य प्रमाण है। हालांकि, चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इसका निदान केवल अल्ट्रासाउंड पर निर्भर नहीं करता। चिकित्सक महिला के मासिक धर्म के इतिहास, हार्मोनल संकेतकों, मेडिकल हिस्ट्री एवं शारीरिक जांच के संयुक्त विश्लेषण के आधार पर निर्णय लेते हैं।
प्रजनन स्वास्थ्य से इतर मेटाबॉलिक जोखिम
PCOS का प्रभाव केवल गर्भधारण तक सीमित न होकर संपूर्ण मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। डॉ. मायंका लोढ़ा सेठ के अनुसार, इस स्थिति के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस, इंसुलिन का असामान्य स्तर, कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन और पेट के आसपास वसा (फैट) का जमाव जैसे जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
यह ध्यान देना आवश्यक है कि ये मेटाबॉलिक जोखिम केवल अधिक वजन वाली महिलाओं तक सीमित नहीं हैं; सामान्य वजन वाली महिलाएं भी PCOS से प्रभावित हो सकती हैं।
चिकित्सकीय परामर्श कब आवश्यक है?
यदि पीरियड्स में निरंतर अनियमितता हो, मुंहासे बार-बार उभर रहे हों, शरीर या चेहरे पर अत्यधिक बाल बढ़ रहे हों, अथवा वजन को नियंत्रित करने में कठिनाई हो रही हो, तो अविलंब विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। PCOS की प्रारंभिक पहचान से न केवल लक्षणों को प्रभावी रूप से प्रबंधित किया जा सकता है, अपितु दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों से भी बचाव संभव है।

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