रसड़ा| उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ, लोकप्रिय और एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली में उपचार के दौरान असामयिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे बलिया जनपद और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। उमाशंकर सिंह बसपा के बेहद कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे और कठिन समय में भी पार्टी के मुख्य स्तंभ के रूप में जाने जाते थे।

राजनीतिक सफर और ऐतिहासिक जीत

उमाशंकर सिंह ने सबसे पहले साल 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रसड़ा से शानदार जीत दर्ज कर राजनीतिक पटल पर कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार तीन बार (2012, 2017 और 2022) विधायक चुने गए। हालांकि, अपने राजनीतिक करियर के दौरान एक बार लाभ के पद के मामले को लेकर उनकी विधायकी समाप्त हो गई थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के बाद उनकी विधायकी पुनः बहाल हो गई थी।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जब उत्तर प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा और पार्टी महज एक सीट पर सिमट गई, तब उमाशंकर सिंह ने रसड़ा सीट से भारी मतों से जीत दर्ज कर पार्टी का विधानसभा में खाता खोला था और बसपा के इकलौते विधायक बनकर इतिहास रच दिया था।

सामाजिक कार्यों और जनसेवा से बनाई थी विशिष्ट पहचान

राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनका नाम अग्रिम पंक्ति में लिया जाता था। अपने क्षेत्र में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिए वे खासे चर्चित रहे। पहले उन्होंने 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराकर प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरी थीं, और उसके बाद 351 जोड़ों का भव्य विवाह संपन्न कराकर एक अनूठी मिसाल पेश की थी। विधान क्षेत्र के अलावा जनपद की सीमाओं से बाहर भी उन्होंने अपनी जनसेवा के बल पर एक अलग और मजबूत पहचान बनाई थी।

दिग्गज नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमा शंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी ओर से उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।"

  • बसपा सुप्रीमो मायावती ने 'एक्स' पर पोस्ट कर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए लिखा, "बलिया की रसड़ा सीट से समर्पित, ईमानदार और पूर्णतः पार्टी के प्रति निष्ठावान लोकप्रिय विधायक उमा शंकर सिंह के दीर्घकालीन बीमारी के इलाज के दौरान निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उनके परिवार और सभी शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है..."

  • राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मेरे गृह जिले बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाली है। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जनसेवा और क्षेत्र के विकास में जो योगदान दिया, उसे सदा सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा..."

  • उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी दुख जताते हुए 'एक्स' पर लिखा, "बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। शोक संतप्त परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। हार्दिक श्रद्धांजलि!"

व्यक्तिगत जीवन और पृष्ठभूमि

उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा अंतर्गत खनवर गांव में हुआ था। उनके पिता श्री घुराहु सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त एक प्रतिष्ठित सैन्यकर्मी थे। पारिवारिक संस्कारों और अनुशासित परिवेश ने उनके व्यक्तित्व को गढ़ा। राजनीति के अतिरिक्त वे व्यवसाय और ठेकेदारी के क्षेत्र से भी जुड़े रहे। अपनी सक्रिय कार्यशैली, जनता के बीच हमेशा उपलब्ध रहने और विकास कार्यों के प्रति समर्पण के कारण वे क्षेत्र की जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय और एक मजबूत स्तंभ के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।