मुरैना में बाढ़ ने बढ़ाई परेशानी, टापू बना बारह द्वारी मंदिर; साधु ने मांगी सुरक्षित निकालने की मदद
मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते क्वारी नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण गुढ़ा चंबल पंचायत अंतर्गत स्थित रियासतकालीन ऐतिहासिक 'बारह द्वारी मंदिर' चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। पिछले तीन दिनों से मंदिर में दो साधु फंसे हुए हैं और चारों तरफ जलभराव होने से मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। मंदिर वर्तमान में किसी टापू जैसा दिखाई दे रहा है।
खाने-पीने का संकट, रास्ते पूरी तरह ठप
मंदिर तक पहुंचने वाले सभी मार्ग जलमग्न होने से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। मंदिर में फंसे साधु-संतों को भोजन और पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी राहत सामग्री न पहुंचने से फंसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं मंदिर के पुजारी, वीडियो जारी कर मांगी मदद
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मंदिर की देखरेख कर रहे साधु ने अपनी व्यथा साझा की है:
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प्रशासन से मदद की अपील: साधु ने बताया कि वे पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद विगत एक वर्ष से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ संभाल रहे हैं। नदी के उफान पर होने से स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है।
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संपर्क के बावजूद नहीं मिली सहायता: उन्होंने बताया कि मंदिर में दो साधु फंसे हुए हैं और भोजन सामग्री समाप्त हो चुकी है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस थाने और भोपाल प्रशासनिक स्तर पर भी सूचना दी गई, किंतु अब तक कोई रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
साधुओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल नौका या रेस्क्यू टीम भेजकर सुरक्षित बाहर निकालने तथा खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

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