गणेश चतुर्थी का पावन पर्व संपूर्ण देश में अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। घरों से लेकर सार्वजनिक पूजा पंडालों तक विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की स्थापना हेतु भव्य तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। इस वर्ष भी गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न नगरों में अनोखी थीम, विहंगम सजावट और विशाल प्रतिमाएं श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

लालबागचा राजा की प्रथम झलक

मुंबई के विश्व प्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' की प्रथम मनमोहक झलक सामने आ गई है। लालबाग सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल में बप्पा के दर्शन हेतु प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। लालबागचा राजा की भव्यता संपूर्ण देश में आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है।

72 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली प्रतिमा (हैदराबाद)

तेलंगाना के हैदराबाद स्थित नागोल में 72 फीट ऊंची पर्यावरण-अनुकूल (इको-फ्रेंडली) गणेश प्रतिमा स्थापित की जा रही है। बंगाल एवं तेलंगाना के कुशल मूर्तिकारों द्वारा प्राकृतिक सामग्रियों से निर्मित यह विशाल प्रतिमा पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दे रही है।

41 फीट ऊंचे बप्पा (खेतवाड़ी, मुंबई)

मुंबई के खेतवाड़ी क्षेत्र में 41 फीट ऊंची विशाल गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है। अपने वृहद स्वरूप और नक्काशी के कारण यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के मध्य विशेष कौतूहल का विषय बनी हुई है।

'विकसित भारत 2047' की थीम (हैदराबाद)

हैदराबाद के उप्पुगुड़ा (ललिता बाग) में 'विकसित भारत 2047' की संकल्पना पर आधारित भव्य गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। इसमें भगवान गणेश के आधुनिक स्वरूप के माध्यम से देश की प्रगति और विकास यात्रा का संदेश दिया गया है।

'परिवर्तन' थीम पर आधारित पंडाल (कोलकाता)

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित एक आवासीय सोसाइटी में 'परिवर्तन' विषय पर आधारित गणपति पंडाल सजाया गया है। इसके माध्यम से राज्य में विगत कुछ समय के भीतर आए सामाजिक एवं सांस्कृतिक बदलावों को दर्शाने का प्रयास किया गया है।

पानीहाटी में विशाल प्रतिमा (उत्तर 24 परगना)

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में भव्य गणेश पूजा समारोह का उद्घाटन किया गया। यहां स्थापित बप्पा की विशाल प्रतिमा को देखने हेतु दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।