सावन में खानपान का रखें खास ध्यान, ये चीजें खाएं और इनसे करें परहेज
पवित्र सावन का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ सेहत का विशेष ध्यान रखने का भी सबसे अच्छा समय माना जाता है। आयुर्वेद के जानकारों का कहना है कि इस मौसम में लगातार बारिश और उमस के कारण हमारी पाचन शक्ति (डाइजेस्टिव सिस्टम) थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिसकी वजह से भारी, ज्यादा तला-भुना और बासी भोजन आसानी से नहीं पच पाता है। ऐसे में यदि हम अपने खानपान में छोटे-छोटे लेकिन बेहद जरूरी बदलाव कर लें, तो पूरे मौसम में अपने शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं।
प्रसिद्ध न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, सावन के इन दिनों में हमेशा हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला (सुपाच्य) भोजन करना सबसे अधिक फायदेमंद रहता है। हालांकि, आम तौर पर बहुत से लोगों को इस बात की सही जानकारी नहीं होती है कि इस मौसम में क्या खाएं और क्या न खाएं। आइए जानते हैं कि सावन के इस सुहाने मौसम में हमें खानपान की कौन-सी अच्छी आदतें अपनानी चाहिए और किन चीजों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए।
सावन में अपने दिन की शुरुआत करें तुलसी और सौंफ की चाय से
अपने दिन की शुरुआत हमेशा कैफीन से भरपूर सामान्य चाय या कॉफी की जगह एक हेल्दी हर्बल ड्रिंक से करें। इसके लिए आप तुलसी और सौंफ से बनी चाय का सेवन कर सकते हैं।
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इसे बनाने की आसान विधि:
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4 से 5 ताजी तुलसी की पत्तियां लें।
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1 चम्मच सौंफ लें।
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2 कप साफ पानी लें।
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इन सभी सामग्रियों को किसी बर्तन में डालकर धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह उबालें और फिर इसे हल्का गुनगुना ही पिएं। यह पेट के लिए बहुत आरामदायक होता है।
खाना बनाते समय इन खास मसालों का करें सीमित उपयोग
सावन के दौरान अपने भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ पाचक भी रखने के लिए आप निम्नलिखित मसालों का सीमित मात्रा में रसोई में उपयोग कर सकते हैं:
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अदरक
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तेजपत्ता
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काली मिर्च
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हींग
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इलायची
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चक्र फूल (स्टार ऐनीज़)
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जीरा
ये तमाम मसाले आपके शरीर की पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने और पेट की गैस या अपच जैसी समस्याओं से दूर रखने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
सावन के महीने में जरूर करें ये हेल्दी फूड स्वैप
अपने दैनिक भोजन में थोड़े से बदलाव करके आप अपनी सेहत को और बेहतर बना सकते हैं:
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दालों में बदलाव: भारी राजमा और छोले खाने के बजाय हल्की और सुपाच्य मूंग दाल या अरहर (तुअर) दाल का सेवन करें।
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सब्जियों में बदलाव: भारी और तैलीय सब्जियों के स्थान पर आसानी से पचने वाली हरी सब्जियां जैसे लौकी, तोरी (तुरई), परवल और कद्दू को अपनी थाली का हिस्सा बनाएं।
सावन के दिनों में इन जरूरी बातों का विशेष रूप से रखें ध्यान
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हमेशा ताजा, हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही ग्रहण करें।
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फ्रिज में रखे हुए बासी और बार-बार दोबारा गर्म किए गए खाने के सेवन से पूरी तरह बचें।
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शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पिएं।
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खाना खाने के तुरंत बाद लेटने के बजाय 10 से 15 मिनट तक धीमी गति से जरूर टहलें।
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यदि बहुत मन करे तब भी ज्यादा तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन बहुत सीमित मात्रा में ही खाएं।
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ताजे मौसमी फलों और पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जियों को अपनी रोज की डाइट में जरूर शामिल करें।
एक जरूरी स्वास्थ्य सलाह
तुलसी-सौंफ की इस विशेष चाय और मसालों से मिलने वाले तमाम स्वास्थ्य लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक मान्यताओं और उपलब्ध शोधों पर आधारित हैं। इन्हें किसी भी गंभीर बीमारी का चिकित्सीय इलाज नहीं माना जाना चाहिए। यदि आप पहले से किसी पुरानी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं या नियमित रूप से दवाइयां ले रहे हैं, तो अपनी दिनचर्या या खानपान में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी पंजीकृत डाइटिशियन से परामर्श अवश्य कर लें।

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