बच्चों का बढ़ता वजन बन रहा चिंता का कारण, पैरेंट्स की इन 5 आदतों से बिगड़ सकता है खान-पान
यदि आपके बच्चे का वजन उसकी उम्र के हिसाब से तेजी से बढ़ रहा है, तो इसे केवल अधिक खाने का नतीजा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बच्चों में बढ़ता मोटापा आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्लीप डिसऑर्डर और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी हद तक बढ़ा सकता है। इस समस्या के पीछे कई बार माता-पिता की कुछ अनजाने में की गई आदतें और गलतियां जिम्मेदार होती हैं।
अत्यधिक स्क्रीन टाइम (मोबाइल और टीवी की लत)
आज के समय में बच्चों का स्क्रीन टाइम बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मोबाइल, टीवी, टैबलेट या वीडियो गेम के सामने लंबे समय तक बैठे रहने के कारण बच्चे शारीरिक रूप से काफी निष्क्रिय हो जाते हैं। इससे उनकी रोजाना की शारीरिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ता है। माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए दिन में पर्याप्त समय निकालें।
पैकेज्ड और जंक फूड का अत्यधिक सेवन
चिप्स, बिस्किट, पिज्जा, बर्गर, इंस्टेंट नूडल्स और मीठे पेय पदार्थों का बच्चों में बहुत शौक देखा जाता है। जब इन चीजों का सेवन बार-बार होने लगता है और घर का पौष्टिक खाना कम हो जाता है, तो बच्चे के शरीर में कैलोरी की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए जंक फूड के बजाय बच्चों की डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और दूध को शामिल करना बेहतर विकल्प है।
बच्चे को जबरन खिलाने की आदत
कई बार माता-पिता बच्चे की प्लेट पूरी तरह खत्म करवाने के लिए उस पर दबाव डालते हैं। वे बच्चे की भूख और पेट भरने के प्राकृतिक संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे उनका खान-पान का व्यवहार लंबे समय के लिए प्रभावित होता है। बच्चों को खुद अपनी भूख के हिसाब से खाना खाने देना चाहिए और खाने को कभी भी इनाम या सजा के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
नींद का अनियमित रूटीन होना
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पर्याप्त तथा नियमित नींद बेहद आवश्यक होती है। देर रात तक मोबाइल चलाना, टीवी देखना या सोने का समय रोजाना बदलते रहना बच्चों की नींद के चक्र को बिगाड़ देता है। अपर्याप्त या अनियमित नींद सीधे तौर पर वजन बढ़ने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी होती है, इसलिए बच्चों का एक निश्चित स्लीप रूटीन बनाना बेहद जरूरी है।
माता-पिता का खुद हेल्दी लाइफस्टाइल न अपनाना
बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार और आदतों से सबसे ज्यादा सीखते हैं। यदि घर में रोजाना जंक फूड खाना, शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना या देर तक जागना आम बात है, तो बच्चे भी वही आदतें अपना लेते हैं। बच्चों में स्वस्थ आदतें विकसित करने के लिए पूरे परिवार को मिलकर एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहिए।

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