आपकी बात

नारे बेटी बचाओके, पर बेटियों का बलात्कारी 16 बार जेल से बाहर

  •                                                                                               रंजन श्रीवास्तव
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  • भारत की संस्कृति यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता का अक्सर उद्घोष करने वाले तथा भारत को उसका पुराना वैभव वापस दिलाने की प्रतिज्ञा करने वाले राजनेता, राजनीति के धरातल पर उतरते ही इस नारे को अपनी सुविधा के अनुसार कार की डिक्की में  पैक कर देते हैं लगता है कि आज की राजनीति में संवेदनहीनता का स्तर इतना बढ़ चुका है कि नारी अस्मिता सिर्फ भाषणों में बखान करने की बात रह गई है नहीं तो यह कैसे संभव था कि 2 शिष्याओं के साथ बलात्कार के जुर्म में 20 वर्ष की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम सिंह को देश की जनता की भावनाओं के विपरीत जाकर सिर्फ साढ़े पांच साल में 16 बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर जाने की आजादी दी जाए

          जहां भारत की जेलों में हजारों कैदियों के लिए पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आना एक सपना है, सजायाफ्ता गुरमीत का 24अक्टूबर, 2020 में जेल से बाहर आने का सिलसिला जो शुरू हुआ वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा इस अवधि में उसे 12 बार पैरोल ग्रांट किया गया तथा 4 बार वह फरलो पर जेल से बाहर आ चुका है अभी तक वह जेल से बाहर 406 दिन रह चुका है और अगर 16वीं बार के 30 दिन के पैरोल को जोड़ दिया जाए तो यह 436 दिन होता है

           अगर देखा जाए तो 24अक्टूबर, 2020 में जब उसे पहली बार और 26 मई, 2026  में  जब उसे 16वीं बार पैरोल ग्रांट हुआ, उसके बीच औसत के तौर पर हर पांचवें दिन गुरमीत राम रहीम जेल के बाहर रहा है इन सोलह मौकों में से चार बार वह फरलो पर जेल से बाहर रहा फरलो कैदियों को उनके अच्छे आचरण के लिए ग्रांट किया जाता है

        एक बलात्कारी जो अपनी दो-दो शिष्याओं के साथ बलात्कार करने के जुर्म में सजा काट रहा है, उसका आचरण हरियाणा सरकार को अच्छा कैसे लगा ? इसका जवाब तो हरियाणा सरकार ही बता सकती है उसे 12 बार पैरोल पर क्यों छोड़ा गया और यह सुविधा अन्य बलात्कारियों तथा अन्य जघन्य अपराधों में शामिल कैदियों को कितनी बार मिली, यह भी हरियाणा सरकार ही बता सकती है

अक्टूबर 2020 में जब उसे पहली बार पैरोल मिली तो हरियाणा में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर थे वर्ष 2024 में हरियाणा के विधानसभा चुनावों के लगभग 7 महीने पहले खट्टर को हटाकर भाजपा नेतृत्व ने नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया, जिनके नेतृत्व में भाजपा ने अक्टूबर, 2024 में पुनः सरकार बनाई

          प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए पर नहीं बदला तो गुरमीत राम रहीम के जेल से बार-बार बाहर आने का सिलसिला देखा जाए तो गुरमीत राम रहीम को पैरोल देने के मामले में नायब सिंह सैनी की सरकार खट्टर सरकार से आगे जाती हुई दिख रही है

जहां लगभग 3 साल 3 महीने में खट्टर सरकार ने गुरमीत को 9 बार में 233.5 दिनों के लिए जेल से बाहर जाने दिया, नायब सिंह सैनी की सरकार ने लगभग पौने दो साल में ही 7 बार उसे 202 दिनों के लिए जेल से बाहर जाने की अनुमति दे दी है

खट्टर के कार्यकाल में गुरमीत को पैरोल/फरलो पर जेल से बाहर जाने की अनुमति अक्टूबर 2020 (1 दिन), मई 2021 (आधा दिन), फरवरी 2022 (21 दिन), जून 2022 (30 दिन), अक्टूबर 2022 (40 दिन), जनवरी 2023 (40 दिन), जुलाई 2023 (40 दिन), नवंबर 2023 (21 दिन) और जनवरी 2024 (50 दिन) मिली

       नायब सिंह सैनी के कार्यकाल में अब तक गुरमीत को जेल से बाहर आने की अनुमति अगस्त 2024 (21 दिन), अक्टूबर 2024 (20 दिन), जनवरी 2025 (30 दिन), अप्रैल 2025 (21 दिन), अगस्त 2025 (40 दिन), जनवरी 2026 (40 दिन) और मई 2026 (30 दिन) मिल गई.

         फरवरी 2022 में जब उसे 21 दिनों के लिए फरलो पर जेल से बाहर जाने के लिए अनुमति मिली, उसके दो हफ्ते के बाद ही पंजाब में विधानसभा के चुनाव थे जून 2022 में हरियाणा में नगरीय चुनावों के पहले उसे जेल से 30 दिनों के लिए छोड़ा गया अक्टूबर 2022 में पंजाब के आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव तथा हरियाणा में पंचायत चुनावों के पहले उसे 40 दिनों के लिए जेल से बाहर जाने दिया गया नवंबर 2023 में राजस्थान में विधानसभा चुनावों के पहले वह 21 दिन के फरलो पर जेल से बाहर आया लोकसभा चुनाव 2024 में थे, उसके पहले उसे जनवरी में 50 दिन के लिए जेल से बाहर जाने दिया गया इसी तरह हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनावों के पहले अक्टूबर में उसे 20 दिन की पैरोल मिली फिर उसे दिल्ली के विधानसभा चुनावों के पहले जनवरी, 2025 में 30 दिनों के लिए पैरोल मिली

         कहना नहीं होगा कि डेरा सच्चा सौदा, जिसका मुखिया गुरमीत राम रहीम है, के अच्छी संख्या में अनुयायी इन राज्यों में रहते हैं  यह कहना भी गलत नहीं होगा कि राजनीतिक दलों के लिए वोट कैसे हासिल किए जाएं, यह विषय ही सबसे ज्यादा संवेदनशील  है

      रही नारी की अस्मिता और उसकी सुरक्षा की बात, तो इसके लिए नेताओं के लिखे-लिखाए और रटे-रटाए भाषण तो हैं ही

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श्री रंजन श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार हैं।  अंग्रेजी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स और फ्री प्रेस भोपाल के साथ अन्य प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं देने के बाद इन दिनों भोपाल में निवास कर रहे है।  वे सामयिक और राजनीतिक विषयों पर स्वतंत्र लेखन कर रहे है।  संपर्क  94253 -51688, ई मेल ranjansrivastava1@gmail.com