नासिक में विद्योत्तमा सम्मान से

सम्मानित होंगे श्री विनोद नागर

        भोपाल। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के नरेश मेहता सम्मान से अलंकृत राजधानी के वरिष्ठ लेखक, पत्रकार, समीक्षक और स्तंभकार श्री विनोद नागर को नये साल में महाराष्ट्र के नासिक में विद्योत्तमा साहित्य विभूतिसम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें आगामी 11 जनवरी को नासिक के माहेश्वरी भवन में श्री विद्योत्तमा फाउंडेशन द्वारा आयोजित सारस्वत सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा। चयन समिति के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार मिश्र ने बताया कि श्री नागर का चयन उनकी पुस्तक लिखा तो छपाके लिये किया गया है। विगत पांच दशक से लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय श्री नागर की अभी तक 10 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

    श्री विनोद नागर को हाल ही में उज्जैन में श्री मौनतीर्थ हिन्दी विद्यापीठ द्वारा साहित्य गौरव' सम्मान प्रदान किया गया है। उन्हें गत वर्ष मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी का नरेश मेहता सम्मान भी मिल चुका है। लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में श्री नागर को उनके सुदीर्घ योगदान के लिये इससे पूर्व बालकवि बैरागी शिखर सम्मान, तुलसी साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश लेखक संघ, दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय, अभिनव कला परिषद्, अखिल हिन्दी साहित्य सभा, साहित्य गंगा, कादंबरी, संपादक संघ सम्मान आदि से नवाज़ा जा चुका है। उन्होंने अपने दिवंगत पिता एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे (स्व.) श्री रामवल्लभ नागर की आत्मकथा सबकी अपनी राम कहानीका संपादन भी किया है।

            श्री नागर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की भारतीय सूचना सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। वे दूरदर्शन केंद्र, भोपाल से संयुक्त निदेशक (समाचार) के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले एक दशक से लेखन एवं पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय हैं। श्री नागर करीब दो दशक तक इन्दौर में आकाशवाणी के संवाददाता भी रहे हैं। समकालीन आकाशवाणी संवाददाताओं और जनसंपर्क अधिकारियों के दिलचस्प अनुभवों पर केन्द्रित उनकी अगली पुस्तकें शीघ्र ही छपकर आने वाली हैं।

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