डा. नारायण व्यास  सहित मध्यप्रदेश की चार हस्तियों को पद्मश्री

भोपाल। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित पद्म पुरस्कारों में मध्यप्रदेश की चार हस्तियों को यह विशेष सम्मान के लिए चयन किया गया है। प्रदेश की चार विभूतियों डा. नारायण व्यास, कैलाश चंद्र पंत, भगवानदास रैकवार और  मोहन नागर को उनके उत्कृष्ट एतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा।

डॉ. नारायण व्यास

 भारतीय  पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के सेवानिवृत्त पुरातत्व विज्ञानी (Archaeologist)  डॉ. नारायण व्यास ने भारत विशेषकर मध्यप्रदेश में पुरातत्व और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने विश्व धरोहर भीमबेटका (Bhimbetka rock shelters), सांची (Sanchi Stupa) और रानी की वाव (Rani ki Vav) जैसे महत्वपूर्ण एतिहासिक महत्व के स्थलों / स्मारकों के संरक्षण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा इन्हीं प्रयासों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक महत्व मिला है। इसके साथ ही डॉ. व्यास ने मध्य भारत के प्रागैतिहासिक और ऐतिहासिक स्थलों का अध्ययन और संरक्षण करके भारतीय इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  

 

  कैलाश चंद्र पंत

  श्री कैलाश चंद्र पंत मध्यप्रदेश के एक वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार, पत्रकार और शिक्षाविद् हैं।  वे लगभग 60 वर्षों से हिन्दी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं और अपने लेखन तथा संपादकीय कार्यों से हिन्दी साहित्य को मजबूती दी है।  श्री पंत का हिन्दी भाषा के अद्वितीय संरक्षक एवं विचारक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कई साहित्यिक पत्रिकाओं तथा अकादमिक संस्थाओं के लिए कार्य किया है।

 भगवानदास रैकवार

श्री भगवानदास रायकवार मध्यप्रदेश के सागर जिले के प्रतिष्ठित मार्शल आर्ट कलाकार हैं। उन्होंने 1982 में बैंक की नौकरी छोड़ कर अपनी पूरी ऊर्जा पारंपरिक बुंदेली मार्शल आर्ट (अखाड़ा कला) को समर्पित कर दी।  श्री रायकवार बुंदेली अखाड़ा को संरक्षित करने और उसे अगली पीढ़ियों तक पहुँचाने वाले प्रमुख नेत़ा माने जाते हैं। उन्होंने सैकड़ों युवा कलाकारों को प्रशिक्षण दिया और परंपरागत खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके योगदान को भारतीय खेल और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।

 मोहन नागर

श्री मोहन नागर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद हैं। वे मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष हैं और विशेष रूप से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। श्री नागर ने अब तक 75,000 से अधिक जल संग्रहण संरचनाएँ (वाटर-स्ट्रक्चर) बनवायी हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता और भूजल स्तर में सुधार हुआ है।  उनका यह कार्य सूखा-प्रभावित इलाकों में किसानों और समुदायों को सीधे लाभ पहुँचा रहा है और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ा रहा है।  उन्हें यह सम्मान उनके समाज और पर्यावरण के प्रति समर्पण के लिए दिया गया।