केंद्रीय बजट से आयुष क्षेत्र को मिलेगा नया बल – डॉ.  द्विवेदी

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में आयुष क्षेत्र को सशक्त बनाने हेतु किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक एवं वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. ए.के. द्विवेदी ने कहा कि आयुष उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए सरकार द्वारा नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का निर्णय अत्यंत स्वागतयोग्य है। यह कदम आयुष शिक्षा, अनुसंधान एवं उपचार सेवाओं को और सशक्त करेगा। डॉ. द्विवेदी ने कहा कि बजट में आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड करने का प्रावधान भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे आयुष औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रमाणिकता सुनिश्चित होगी। साथ ही जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को और मजबूत करने का निर्णय भारत को पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

      डॉ. द्विवेदी, जो कि केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार मंडल के सदस्य तथा North Eastern Institute of Ayurveda & Homoeopathy (NEIAH), शिलांग की वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्य हैं, ने कहा कि आयुष क्षेत्र का जितना विकास वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुआ है, उतना पूर्व में कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद विश्व स्तर पर आयुर्वेद एवं अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई पहचान और स्वीकार्यता मिली है। उन्होंने कहा कि आयुष केवल बीमारियों का उपचार ही नहीं करता, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की कला भी सिखाता है। आने वाला समय आयुष का है और यह प्रणाली निवारक स्वास्थ्य (Preventive Healthcare) को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

डॉ. द्विवेदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि बजट में आयुष क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधान जनस्वास्थ्य के हित में हैं और इनका देशभर में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

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