मध्यप्रदेश में पहली बार फेफड़ों के दो बेहद जटिल ऑपरेशन
मध्यप्रदेश में पहली बार फेफड़ों के दो बेहद जटिल ऑपरेशन
भोपाल। मध्यप्रदेश के फेफड़ों के मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर है। भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने प्रदेश में पहली बार फेफड़ों के दो अत्यंत जटिल आपरेशन सफलतापूर्वक कर चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इन सफल ऑपरेशनों के बाद अब मरीजों को जटिल उपचार के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
केस 1: 'होल लंग लैवेज' से साफ किए फेफड़े
पहला मामला एक दुर्लभ फेफड़ा रोग का था, जिसमें मरीज की वायु थैलियों (Alveoli) में गाढ़ा पदार्थ जमा होने के कारण उसे सांस लेने में बेहद तकलीफ हो रही थी। डॉ. अभिनव चौबे और डॉ. अल्केश खुराना की टीम ने उपचार के लिए 'होल लंग लैवेज' (Whole Lung Lavage) तकनीक का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में फेफड़ों को विशेष विधि से धोकर साफ किया गया। सर्जरी के बाद मरीज के ऑक्सीजन स्तर में चमत्कारी सुधार देखा गया है।
केस 2: कैंसर पीड़ित के श्वसन मार्ग में डाला 'Y' स्टेंट
दूसरा मामला और भी चुनौतीपूर्ण था। एक कैंसर पीड़ित मरीज के मुख्य श्वसन मार्ग में ट्यूमर की वजह से पूरी तरह ब्लॉकेज आ गया था, जिससे एक फेफड़े ने काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कोपिक डिबल्किंग के जरिए ट्यूमर को हटाया और श्वसन मार्ग को खुला रखने के लिए 'Y' आकार का विशेष मेटल स्टेंट प्रत्यारोपित किया। इस प्रक्रिया के बाद मरीज का फेफड़ा फिर से सक्रिय हो गया है।
टीम वर्क से मिली सफलता
संस्थान के कार्यपालक निदेशक के मार्गदर्शन में मिली इस सफलता में एनेस्थीसिया और सीटीवीएस (CTVS) विभाग की टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। "एम्स भोपाल लगातार उन्नत तकनीकों को अपना रहा है ताकि मध्यप्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर और कम लागत में मिल सके।"

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