F 5 – जिंदगी का रिफ्रेश बटन पुस्तक में है जीवन दर्शन और समस्याओं का समाधान
F 5 – जिंदगी का रिफ्रेश बटन पुस्तक में है
जीवन दर्शन और समस्याओं का समाधान
संजय अग्रवाल की पुस्तक F 5 का हुआ लोकार्पण
भोपाल । भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री संजय अग्रवाल की पुस्तक F 5 जिंदगी का रिफ्रेश बटन का आज भोपाल में एक गरिमामय समारोह में लोकार्पण हुआ। मध्यप्रदेश के निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित लोकार्पण समारोह में वरिष्ठ रंगकर्मी डा. संजय मेहता, वरिष्ठ साहित्यकार डा. सुधीर आजाद और वरिष्ठ लेखिका श्रीमती कमल चंद्रा अतिथि के रूप में मौजूद थीं ।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि F 5 जिंदगी का रिफ्रेश बटन पुस्तक वास्तव में कम्प्युटर के की बोर्ड की Alt, Ctrl, Esc और Enter बटनों का ऐसा ताना बाना है जो जीवन दर्शन के साथ हमारी दिन प्रतिदिन की समस्याओं का आसानी समाधान भी करती है। उन्होंने इन पांचों बटनों की विस्तार से व्याख्या करते हुए इन्हें अनेक उदाहरणों से समझाया कि वर्तमान समय में अपने परिवार, मित्रों, स्वजनों से सतत संवाद करते रहें। इससे आप हमेशा तरोताजा (रिफ्रेश) तो रहेंगे ही, अनेक समस्याओं का समाधान भी संवाद और सम्पर्क से मिलेगा और यही सब श्री संजय अग्रवाल की पुस्तक में है। श्री मनोज श्रीवास्तव ने श्री अग्रवाल की सरल, सहज और प्रवाहमयी भाषा की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक पाठकों के लिए निश्चित ही प्रेरणा का कार्य करेगी।
वरिष्ठ रंगकर्मी डा. संजय मेहता ने कहा श्री अग्रवाल की यह पुस्तक सरल भाषा में जीवन दर्शन और मनुष्य को मनुष्य बनाना सिखाती है। उन्होने विश्वास व्यक्त किया कि यह किताब कबीर, तुलसीदास, मीरा, रहीम आदि की परम्परा को आगे बढ़ाने वाली सिद्ध होगी। यह जीवन जीने का सही तरीका भी सिखाती है तो हमें सचेत भी करती है कि डिजीटल के दुष्परिणामों से कैसे बचें । डा. सुधीर आजाद ने कहा कि आमतौर पर प्रेरणात्मक किताबें तार्किक होती हैं लेकिन श्री संजय अग्रवाल की किताब F 5 जिंदगी का रिफ्रेश बटन एकदम अलग है। उन्होने कहा कि परम्परा और आधुनिकता के साथ समानांतर चलने के दौरान जो भी समस्याएं आती हैं, उनका निदान इस किताब में है। डा. आजाद ने कहा कि यह पुस्तक प्रेरणात्मक तो है ही, युवाओं का मार्गदर्शन भी करेगी। श्रीमती कमल चंद्रा ने कहा कि यथार्थ और जीवन की वास्तविकता के साथ जीवन जीने के विभिन्न पहलुओं और समस्याओं का आसान समाधान इस पुस्तक में मिलता है।
कार्यक्रम में लेखक श्री संजय अग्रवाल के पिताजी श्री आर.बी. अग्रवाल ने अपने पुत्र संजय की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी मेहनत से यहां तक पहुंचे है। पत्नी श्रीमती शालिनी अग्रवाल ने भावुक हो कर बताया कि स्र्ही संजय अपने दायित्व का निर्वाह पूरे समर्पण और जुनून से करते हैं। उन्होने बताया कि मात्र छह महीने में ही दूसरी किताब का प्रकाशन इसका उदाहरण है। श्री संजय अग्रवाल के मामा श्री मुन्नालाल अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। प्रारम्भ में श्री सुहास मिश्रा ने कहा संजय अग्रवाल और किताब किताब को एक ही निरूपित करते हुए कहा कि श्री अग्रवाल का व्यक्तित्व सहज, सरल और हवा के झोंके की तरह है जिसे किताब पढ़कर और श्री अग्रवाल से मिलकर महसूस कर सकते हैं । इस अवसर पर पुस्तक के लेखक श्री अग्रवाल ने बताया कि हमारी दिनचर्या में छोटी छोटी किन्तु ऐसी महत्वपूर्ण बातें होती हैं जिनपर ध्यान नहीं देते जिसका खामियाजा भुगतना पड़ता है l यदि हम परस्पर संवाद, संपर्क, सहयोग, समन्वय और सकारात्मक सोच से कार्य करेंगे तो कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान आसानी से हो सकता है l
कार्यक्रम के आरम्भ में अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया । संचालन डॉ अल्पना वर्मा ने तथा श्री बृजेश रावत ने आभार व्यक्त किया ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार और गणमान्य नागरिक मौजूद थे ।

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