बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर वेटिंग एरिया, टॉयलेट-कैंटीन का काम धीमा
बिलासपुर| में हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के बाहर बहु प्रतीक्षित और जनता की मांग से बन रही वेटिंग एरिया टॉयलेट कैंटीन आदि निर्माण कार्य की गति अत्यधिक धीमी होने पर आपत्ति जाहिर की है. समिति ने कहा कि यह सारा काम नौ दिन चले आढ़ाई कोस की तर्ज पर किया जा रहा है, जबकि इस कार्य पर राज्य के मुख्य सचिव हाई कोर्ट में दो बार शपथ पत्र दे चुके हैं और दोनों बार यह समय सीमा बीत गई है|
बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर धीमी गति से हो रहा काम
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने ब्यौरा देते हुए बताया कि गोयल टीएमटी कंपनी को सीएसआर फंड से यह सारा कार्य करना है, परंतु उनके द्वारा काम की गति इतनी धीमी है कि लगता नहीं कि निकट भविष्य में यह काम पूरा हो पाएगा. लगभग 6 माह पहले यह कार्य कंपनी को दिया गया था कि उसे 2 महीने में पूरा करना है, परंतु अभी होली के ठीक पहले जब समिति के सदस्यों ने इस काम की प्रगति अपने के लिए हवाई अड्डे का दौरा किया तू पाया कि अभी तो प्लिंथ बीम ही ढलाई की जा रही है|
इस हालत में काम होने में काफी लंबा समय लगने की आशंका है. समिति ने बताया कि जो ठेकेदार कंपनी के द्वारा रखा गया है. उसके पास कंक्रीट बनाने की मिक्सर मशीन तक नहीं है और हाथ से मजदूरों के द्वारा कंक्रीट बनाया जा रहा है जो की अत्यंत ही धीमी प्रक्रिया है. समिति ने कहा कि अत्यंत खेद का विषय है कि इस बारे में राज्य के मुख्य सचिव हाईकोर्ट में दो बार शपथ पत्र दे चुके हैं कि यह काम दो माह में पूरा कर दिया जाएगा परंतु उसके बावजूद इस काम की ना तो कोई मॉनिटरिंग है ना ही कोई समीक्षा की जा रही है. हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने विमान में भाग के अधिकारियों और एयरपोर्ट प्रबंधन से मांग की है के इस कार्यों की गति बढ़ाई जाए और इस भवन का निर्माण पूरा किया जाए|
बिलासपुर से चल रही उड़ानों के बारे में स्थिति साफ नहीं
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने एलाइंस एयर के द्वारा पूर्व में जारी समर शेड्यूल को स्थगित करने और राज्य सरकार के साथ चर्चा कर नया शेड्यूल जारी करने के समाचारों के बाद लंबा समय बीत जाने पर चिंता जताई है। समिति ने कहा कि वर्तमान में 28 मार्च के बाद बिलासपुर से चलने वाली उड़ानों पर संशय बरकरार है कि वह इस समय पर चलेंगे या उनमें समय और दिनों, दोनों में बदलाव होगा|
ये समस्या आई सामने
गौरतलब है कि एयरलाइन कंपनियां सर्दी के मौसम और गर्मी के मौसम में सूर्यास्त और सूर्योदय के समय परिवर्तन के कारण 6-6 माह के लिए ही अपना शेड्यूल जारी करती हैं. एलाइंस एयर के द्वारा जारी विंटर शेड्यूल 27 मार्च तक की लागू है. इसके बाद 28 मार्च से 27 अक्टूबर तक के लिए जारी किया गया समर शेड्यूल उड़ानों में कमी होने और उनके दोनों के बारे में यात्रियों के ऋणात्मक राय के कारण कंपनी ने स्थगित कर दिया है. राज्य सरकार के विमानन सचिव और अन्य अधिकारियों के द्वारा भी इस समर शेड्यूल पर नाखुशी जाहिर की थी. इस स्थिति में यह तय किया गया था कि मार्च महीने के प्रथम सप्ताह में राज्य सरकार के अधिकारियों और अलायंस एयर के अधिकारियों के बीच एक बैठक होगी और उसे बैठक में 28 मार्च से जारी होने वाले समर शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बावजूद इसे अमल में नहीं लाया गया है. जिसे यात्रियों को दिक्कत हो रही है|

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