माता शीतला व हनुमान जी के विग्रहों का

नगर भ्रमण सम्पन्न और शयनाधिवास प्रारम्भ  


       भोपाल। राज सम्राट नगर स्थित भूतेश्वर शिव मंदिर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठानों के अंतिम चरण में बुधवार को माता शीतला और श्री हनुमान जी के विग्रहों का विधि-विधान से नगर भ्रमण एवं शयनाधिवास सम्पन्न हुआ। हल्की बारिश के बाद बने सुहावने मौसम में पूरा क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया।


            राज सम्राट नगर स्थित भूतेश्वर शिव मंदिर में माता शीतला और श्री हनुमान जी के विग्रहों की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व चल रहे धार्मिक  अनुष्ठानों का क्रम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसी क्रम में बुधवार सायंकाल विग्रहों के साथ भव्य नगर भ्रमण का आयोजन किया गया।

हल्की बारिश के बाद मौसम बेहद खुशनुमा हो गया, जिसने इस धार्मिक आयोजन को और भी दिव्य बना दिया। विग्रहों के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा वातावरण भक्तिगीतों और जयकारों से गूंज उठा। कॉलोनी के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं ने जगह-जगह मूर्तियों की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

          इससे पूर्व पूर्वान्ह के समय माता शीतला और श्री हनुमान जी के विग्रहों का पारंपरिक विधि-विधान के साथ औषधि एवं सशस्त्रधारा स्नान कराया गया। मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न इस अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार यह प्रक्रिया विग्रहों की शुद्धि और दिव्यता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

        नगर भ्रमण के पश्चात मंदिर परिसर में शास्त्रोक्त विधि से शयनाधिवास की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस दौरान मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच विग्रहों को विश्राम हेतु स्थापित किया गया। यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व की प्रमुख कड़ी माना जाता है, जिसमें देव विग्रहों को विश्राम देकर अगले दिन के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों के लिए तैयार किया जाता है।

        सभी धार्मिक अनुष्ठान आचार्य सीताराम पाठक एवं यज्ञ आचार्य अमित तिवारी और उनके सहयोगी विप्रजनों के मार्गदर्शन में सम्पन्न कराए गए। पूरे  आयोजन के दौरान राज सम्राट नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और क्षेत्रवासी उत्साहपूर्वक धार्मिक गतिविधियों में सहभागी बने। कल 2 अप्रेल को प्रातः 8 बजे मंदिर में माता शीतला और श्री हनुमान जी के विग्रहों की विधि विधान से स्थापना कर प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत आरती की जाएगी।  इसके साथ ही विग्रहों की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान संपन्न हो जाएगा।  कल  02 अप्रेल को सायंकाल भंडारा का आयोजन किया गया है।