बकरे के विवाद में हत्या, 8 साल बाद कोर्ट ने परिवार के 12 सदस्यों को उम्रकैद दी
कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में एक बेहद मामूली विवाद ने जो खूनी रूप लिया था, उसका इंसाफ आखिरकार आठ साल बाद मिला। कोटा की अदालत ने बकरे के विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में एक ही परिवार के 12 सदस्यों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 13 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह कोटा जिले के इतिहास में पहली बार हुआ है जब एक साथ 12 लोगों को उम्रकैद की सज़ा दी गई हो। इससे पहले इसी साल एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में 10 लोगों को आजीवन कारावास हुई थी।
हमले में हुई थी युवक की मौत
अधिवक्ता रियाज़ अहमद ने बताया कि यह वारदात 31 अगस्त 2018 को शहर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र की बॉम्बे योजना कॉलोनी में हुई थी। फरियादी हिद जाहिद हुसैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक उनके मामा अब्दुल अज़ीज़ उर्फ पप्पू का पड़ोसी रमजानी से बकरे को लेकर झगड़ा हो गया था। मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने के इरादे से कुछ लोग रमजानी के घर पहुंचे, लेकिन वहां हालात बिल्कुल उलट निकले। रमजानी और उसके साथियों ने चाकू, लाठी और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में इश्तियाक हुसैन की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक इश्तियाक हुसैन एक रिटायर्ड एएसआई का बेटा था। तब से यह मामला अदालत में चल रहा था और आखिरकार न्याय की जीत हुई।
कोर्ट ने सुनाई 12 लोगों को सजा
जांच में सामने आया कि हमला करने वाले सभी आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं। कोर्ट ने जिन 12 लोगों को सज़ा सुनाई है उनमें मुख्य आरोपी रमजानी, उसकी पत्नी फरज़ाना, दोनों बेटे मुश्ताक और मुख्तार, सद्दाम खान और उसका भाई शाहरुख, मुबारक अली, ज़ाहिर खान, नईमुद्दीन, शाहदत और शाहीन खानम शामिल हैं। इस फैसले ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया बल्कि यह भी साबित किया कि कानून की नजर में कोई भी अपराध माफ नहीं होता चाहे कितना भी समय क्यों न बीत जाए।

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