स्वालंबन शिविर : चतुर्थ दिवस दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों का देश के विकास में अहम योगदान : श्रीमती राजवाड़े
स्वालंबन शिविर : चतुर्थ दिवस
दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों का देश के विकास में
अहम योगदान : श्रीमती राजवाड़े
इंदौर (अरूण कुमार जैन) । छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज इंदौर में चल रहे दृष्टिबाधित बच्चों के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन किया तथा बच्चों को सम्बोधित किया। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को मैंने स्वावलंबन शिविर में विभिन्न विधाओं में पारंगत होते देखा है जिससे यह विश्वास हो गया है कि ये बच्चे अन्य सामान्य बच्चों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। उन्होने कहा कि इन दृष्टिबाधित बच्चों के विषय में मेरा विचार था कि पांच दिनों में क्या सीख पाएंगे मगर यहां बच्चों से बातचीत की तो मेरी धारणा बदल गई। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जहां देश में दिव्यांग बच्चों के साथ अधिकतर लोग और संस्थाएं बैनर, पोस्टर लगाकर केवल फोटो खिंचवाकर प्रचार प्रसार में लगे रहते हैं, वहीं महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन (मिसो) वास्तव में सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास के मोदी विजन के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है और सबको साथ लेकर चलने का सही मार्ग प्रशस्त कर रही है।
श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि आयोजकों द्वारा इन बच्चों को प्रशिक्षण के बाद एक माह का सामान भी साथ में दिया जाएगा ताकि वे इन वस्तुओं से सामग्री निर्माण कर उसे बाजार में बेच सकें और उनकी निरंतरता बनी रहे। उन्होने कहा कि जब भी छत्तीसगढ़ शासन की ओर से दिव्यांगजंकं के समग्र विकास की योजना बनाएंगे, महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन जैसी संस्थाओं की मदद लेंगे।

श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि ये दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चे स्वावलंबी बनकर दूसरों को प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाएंगे। उन्होने कहा कि देश के विकास में इन बच्चों के योगदान को भी मान्यता मिलेगी। श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े बच्चों द्वारा बनाए गए सामानों का अवलोकन भी किया ।

इस अवसर पर महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्री पुष्प जी जैन ने आधिकारिक सरकारी स्थिति और वास्तविक कार्य करने में आने वाली परेशानियों के बारे में श्रीमती राजवाड़े को अवगत कराया। इस दौरान श्रीमती राजवाड़े को श्री अशोक जैन, श्री अरुण कुमार जैन और श्री कावड़िया ने स्वावलंबन पर बच्चों की कार्यशाला की विभिन्न कक्षाओं का अवलोकन कराया । अतिथियों का स्वागत श्री हुलास बेताला ने किया। कार्यक्रम में श्री पुष्प जैन, श्री प्रकाश भटेवरा, हुल्लास जी बेताला, लोकेश कावड़िया, अरुण कुमार जैन, सुभाष वन्यायक्या आदि ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये। कार्यक्रम के आरम्भ में श्री पीयूष जैन ने स्वागत भाषण दिया। अतिथि परिचय श्री लोकेश कावड़िया ने और आभार प्रदर्शन श्री जितेंद्र चौपड़ा ने किया।
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