वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें : लंबी दूरी की रात्रिकालीन रेल यात्रा के भविष्य की ओर भारत की बड़ी छलांग**..................अनुष्का सक्सेना
*वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें :
लंबी दूरी की रात्रिकालीन रेल यात्रा के भविष्य की ओर भारत की बड़ी छलांग**
— अनुष्का सक्सेना
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ
भारतीय रेल देश की लंबी दूरी की यात्रा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। देश की सबसे तेजी से बढ़ती आधुनिक ट्रेन श्रृंखला में नवीनतम और अत्याधुनिक जोड़ के रूप में वंदे भारत स्लीपर (VBS) ट्रेनसेट को शामिल किया गया है। विश्वस्तरीय, उच्च गति वाली स्लीपर ट्रेन का सपना अब साकार हो रहा है।
आज पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हावड़ा जंक्शन–कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलने वाली पहली 16-डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहली स्लीपर ट्रेन का निर्माण बीईएमएल लिमिटेड (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई के सहयोग से किया है।
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन : एक नज़र
ट्रेन संचालन एवं समय-सारिणी
| ट्रेन संख्या | मार्ग | प्रस्थान | आगमन | आवृत्ति |
|---|---|---|---|---|
| 27575 | हावड़ा → कामाख्या | 18:20 | 08:20 (+1 दिन) | सप्ताह में 6 दिन (गुरुवार छोड़कर) |
| 27576 | कामाख्या → हावड़ा | 18:15 | 08:15 (+1 दिन) | सप्ताह में 6 दिन (बुधवार छोड़कर) |
मार्ग एवं प्रदर्शन विवरण
| मानक | विवरण |
|---|---|
| कुल दूरी | 968 किमी |
| यात्रा समय | लगभग 14 घंटे |
| औसत गति | 69 किमी/घंटा |
| ठहराव | 13 स्टेशन |
| प्रमुख जिले | कामरूप महानगर, बोंगाईगांव, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्व बर्धमान, हुगली, हावड़ा |
किराया संरचना (हावड़ा–कामाख्या)
| श्रेणी | किराया (₹) |
|---|---|
| एसी 3-टियर | 2,300 |
| एसी 2-टियर | 3,000 |
| एसी प्रथम श्रेणी | 3,600 |
यह किराया संपूर्ण (ऑल-इन्क्लूसिव) है, जिसमें मूल किराया, आरक्षण शुल्क एवं सेवा शुल्क शामिल हैं। यह किराया कोलकाता–गुवाहाटी के बीच हवाई यात्रा की तुलना में प्रतिस्पर्धी रखा गया है, जहां विमान किराया अक्सर इससे अधिक होता है।
गति को लेकर स्पष्टीकरण
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की कम औसत गति उसकी तकनीकी क्षमता के कारण नहीं है। यह ट्रेन 160–180 किमी/घंटा की गति से चलने में सक्षम है। किंतु यह मार्ग अत्यधिक भीड़भाड़ वाला मिश्रित यातायात कॉरिडोर है, जहां 110–130 किमी/घंटा की सेक्शनल गति सीमा, कई ठहराव, मोड़, सिग्नलिंग सीमाएं और रात्रिकालीन मालगाड़ियों की प्राथमिकता के कारण औसत गति कम हो जाती है।
इसके बावजूद यह नई ट्रेन पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में लगभग 2.5 घंटे का समय बचाव करती है।
परियोजना का अवलोकन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, भारतीय रेल के आधुनिकीकरण अभियान का अगला अध्याय है। यह वंदे भारत एक्सप्रेस (चेयर-कार संस्करण) की सफलता को लंबी दूरी की, मुख्यतः रात्रिकालीन सेवाओं तक विस्तार देती है। इसमें एसी प्रथम श्रेणी, एसी द्वितीय श्रेणी और एसी तृतीय श्रेणी स्लीपर कोच उपलब्ध हैं, जिनमें विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
आधुनिक तकनीक, उन्नत प्रोपल्शन प्रणाली, उच्च स्तरीय सुरक्षा, आधुनिक सुविधाओं और अर्ध-उच्च गति क्षमता के साथ यह ट्रेन विशेष रूप से मध्यम वर्ग के लिए हवाई यात्रा का प्रभावी विकल्प बनने जा रही है।
मुख्य निर्माता
भारतीय रेल आने वाले वर्षों में 200 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट शुरू करने की योजना बना रही है। इनका निर्माण तीन प्रमुख समूहों द्वारा किया जाएगा:
1. RVNL–TMH–LES कंसोर्टियम – 120 ट्रेनसेट
(विशेष प्रयोजन कंपनी: किनेट रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड)
• यह एक भारत-रूस संयुक्त उपक्रम है
• उत्पादन स्थल: मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री, लातूर (महाराष्ट्र)
2. बीएचईएल–टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड – 80 ट्रेनसेट
• उत्पादन स्थल: टिटागढ़ एवं उत्तरपाड़ा (पश्चिम बंगाल)
3. बीईएमएल + आईसीएफ – प्रारंभिक 10 ट्रेनसेट (प्रोटोटाइप चरण)
प्रोपल्शन तकनीक में प्रमुख साझेदार
• मेधा सर्वो ड्राइव्स प्रा. लि. (हैदराबाद)
— स्वदेशी ट्रैक्शन सिस्टम, मोटर, कन्वर्टर और नियंत्रण प्रणाली
• एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया
— वैश्विक हाई-स्पीड रेल अनुभव (TGV, मेट्रोपोलिस)
परीक्षण एवं प्रमाणन
सितंबर 2024 से जनवरी 2025 तक ट्रेन पर स्थैतिक, गतिशील, उच्च-गति और दीर्घ दूरी परीक्षण किए गए।
• अधिकतम परीक्षण गति: 180 किमी/घंटा
• परीक्षण मार्ग: खजुराहो–महबा, कोटा-नागदा, मुंबई–अहमदाबाद
RDSO और CRS द्वारा सभी सुरक्षा, ब्रेकिंग, स्थिरता और संरचनात्मक मानकों की पुष्टि की गई।
➡️ जनवरी 2026 में व्यावसायिक संचालन हेतु प्रमाणन प्राप्त
प्रमुख सुविधाएं और विशेषताएं (संक्षेप में)
• पूर्णतः स्वदेशी अर्ध-उच्च गति स्लीपर ट्रेन
• एयरोडायनामिक डिजाइन, कम शोर, ऊर्जा दक्षता
• एयरक्राफ्ट-स्टाइल इंटीरियर, एलईडी लाइटिंग
• हर बर्थ पर चार्जिंग प्वाइंट
• एसी प्रथम श्रेणी में शॉवर सुविधा
• शून्य-डिस्चार्ज बायो-वैक्यूम शौचालय
• KAVACH एंटी-कोलिजन सिस्टम हेतु तैयार
• सीसीटीवी, अग्नि-सुरक्षा, इमरजेंसी इंटरकॉम
• वाई-फाई और जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली
रणनीतिक महत्व
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय रेल के लिए रणनीतिक संपत्ति है। यह:
• लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को पुनर्परिभाषित करती है
• विमान सेवाओं को सीधी प्रतिस्पर्धा देती है
• मेक-इन-इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देती है
• पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक टिकाऊ विकल्प है
• पर्यटन, व्यापार और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देती है
संभावित एवं प्रस्तावित मार्ग
दिल्ली–मुंबई, दिल्ली–हावड़ा, मुंबई–चेन्नई, दिल्ली–पटना, दिल्ली–हैदराबाद, तिरुवनंतपुरम–मंगलुरु, बेंगलुरु–चेन्नई जैसे उच्च मांग वाले मार्गों पर वंदे भारत स्लीपर सेवाएं शुरू होने की प्रबल संभावना है।
2026 में 15–20 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट शुरू किए जाने की संभावना है।
निष्कर्ष
वंदे भारत स्लीपर कार्यक्रम केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि भारतीय रेल की लंबी दूरी यात्रा सोच का संपूर्ण उन्नयन है। स्वदेशी निर्माण, वैश्विक स्तर की तकनीक, कठोर परीक्षण और यात्री-केन्द्रित दृष्टिकोण के साथ यह पहल भारत को आधुनिक रेल अवसंरचना के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करती है।
(लेखिका एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नीति एवं डेटा विश्लेषक हैं)

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