9.32 करोड़ किसानों के खातों में 13 मार्च को हस्तांतरित होंगे 18,640 करोड़ रुपए
9.32 करोड़ किसानों के खातों में 13 मार्च को
हस्तांतरित होंगे 18,640 करोड़ रुपए
केंद्र सरकार शुक्रवार, 13 मार्च को देश के करोड़ों किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत 9.32 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि फरवरी 2019 में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत अब तक पात्र किसान परिवारों को 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। 22वीं किस्त जारी होने के बाद किसानों को हस्तांतरित कुल राशि 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि पूरी तरह डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
घर बैठे कर सकेंगे e-KYC
किसानों की सुविधा के लिए पीएम-किसान पोर्टल पर “Know Your Status (KYS)” मॉड्यूल उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से लाभार्थी अपनी भुगतान स्थिति, पात्रता स्थिति, भूमि सीडिंग, आधार लिंकिंग और e-KYC की स्थिति एक ही स्थान पर देख सकते हैं। श्री चौहान ने बताया कि सरकार ने e-KYC प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन आधारित मोबाइल ऐप भी शुरू किया है। इसके जरिए किसान बिना ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के घर बैठे ही e-KYC पूरा कर सकते हैं। राज्य और ग्राम स्तर के नोडल अधिकारी भी इस प्रक्रिया में किसानों की सहायता कर रहे हैं।
AI चैटबॉट ‘किसान e-मित्र’ दे रहा 24×7 जानकारी
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एआई आधारित वॉइस चैटबॉट “किसान e-मित्र” भी किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। यह 11 क्षेत्रीय भाषाओं में पीएम-किसान से जुड़ी जानकारी 24 घंटे उपलब्ध कराता है और अब तक लाखों किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान कर चुका है।
पात्र किसानों तक ही लाभ पहुंचाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बताया कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र किसानों तक पहुंचे, इसके लिए सरकार ने संपन्न किसानों के लिए स्वैच्छिक सरेंडर (Voluntary Surrender) की सुविधा भी शुरू की है। साथ ही जिन किसानों से गलती से लाभ सरेंडर हो गया था, उनके खातों को पुनः सक्रिय करने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होने बताया कि योजना के तहत एक सशक्त सत्यापन प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से अपात्र या दिवंगत लाभार्थियों को सूची से हटाया जाता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी पात्र किसानों का शीघ्र पंजीकरण और e-KYC पूरा कराने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
