गंगा एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू विमानों की नाइट लैंडिंग से दिखा पराक्रम
भारत के इतिहास में पहली बार उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे पर निर्मित हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों ने नाईट लैंडिंग शो किया. इस दौरान हवाई पर बनी नाइट लैंडिंग हवाई पट्टी पर टच करते हुए कई लड़ाकू विमानों ने पराक्रम दिखाया. इस दौरान जिसने भी इस प्रदर्शन को देखा वह देखता ही रह गया. मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर जलालाबाद तहसील के पीरु गांव के पास 3.9 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी पर एयर शो का भव्य आयोजन किया गया.
इस हवाई पट्टी पर दिन में दोपहर 12:30 बजे के बाद राफेल, जैगुआर, सुखोई और मिराज जैसे विमानों ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया. इस एयर शो की खास बात यह रही कि भारत के इतिहास में पहली बार किसी हवाई पट्टी पर वायुसेना के लड़ाकू विमान ने आपातकालीन लैंडिंग करने के साथ उड़ान भरी. रात्रि लगभग 10:30 बजे के बाद शुरू हुए इस दमदार प्रदर्शन में लड़ाकू विमान ने अपना पूरा दाम कम दिखाते हुए वायुसेना की समृद्धि और वीरता का परिचय दिया है.
वायुसेना ने शक्ति और साहस का दिया परिचय
वायुसेना ने यह साबित कर दिया कि भारतीय सेना अपनी शक्ति और साहस के लिए जानी जाती है. यह हवाई पट्टी देश की एकलौती नाइट लैंडिंग हवाई पट्टी है, जिसमें रात के समय भी बिनी किसी रुकावट के लड़ाकू विमान उतर सकते हैं. हाईवे पर हवाई पट्टी बनाने का मुख्य उद्देश्य युद्ध की स्थिति में बमबारी के दौरान एयरबेस की हवाई पट्टी नष्ट होने की स्थिति में हाईवे की हवाई की पट्टी को इस्तेमाल आपालकाल में किया जा सके.
3.50 किमी. में बनी आधुनिक हवाई पट्टी
इस एयर शो का उद्देश्य युद्ध या आपदा के समय इस एक्सप्रेस-वे को वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल करना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ही शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे पर तैयार 3.50 किलोमीटर लंबी आधुनिक हवाई पट्टी का निरीक्षण किया था. यहां वायुसेना के लड़ाकू विमान दिन-रात लैंडिंग कर सकेंगे. साथ ही फाइटर प्लेन यहां पूर्वाभ्यास भी कर सकेंगे. सुरक्षा के दृष्टिकोण से हवाई पट्टी के दोनों किनारों पर करीब 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (15 फ़रवरी 2026)
बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बहनों को प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने