राजस्थान में जीरो टॉलरेंस नीति लागू, सीएम भजनलाल का बड़ा ऐलान
जयपुर। आयोजित 77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और प्रदेशवासियों को सुरक्षित व भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अपराधों में 18.77 प्रतिशत की कमी आई
मुख्यमंत्री भजन लाला शर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि बीते दो वर्षों के दौरान प्रदेश में कुल अपराधों में 18.77 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हत्या, डकैती, लूट और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों जैसे गंभीर मामलों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पुलिस की सतर्कता, बेहतर योजना और आधुनिक तकनीक के उपयोग को दिया।
समाज और पुलिस एक-दूसरे के सहयोगी
समारोह के दौरान कम्युनिटी पुलिसिंग की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और पुलिस एक-दूसरे के सहयोगी हैं और साइबर अपराध, नशा तस्करी तथा संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। जागरूक नागरिक इन अपराधों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच बन सकते हैं।
मोबाइल यूनिट्स की तैनाती
सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 8 हजार से अधिक नए कांस्टेबलों की भर्ती, नए पुलिस थानों की स्थापना और मोबाइल यूनिट्स की तैनाती की गई है।
पुलिसकर्मियों के लिए 500 आवास बनेंगे
पुलिस कर्मियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण संस्थानों में नई बैरकों का निर्माण, स्पोर्ट्स एवं वेलफेयर फंड में अतिरिक्त बजट और 500 नए आवास बनाने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस आधुनिक संसाधनों और तकनीकी साधनों के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगातार प्रभावी भूमिका निभा रही है। समारोह में सेरेमोनियल परेड का निरीक्षण किया गया और उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की सुविधा के लिए एक नया पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया।

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