महाकुम्भ में जाने वाले रेल यात्री ध्यान दें..... प्रयागराज के स्टेशनों में प्रवेश करते समय रहें चौकस
महाकुम्भ में जाने वाले रेल यात्री ध्यान दें.....
प्रयागराज के स्टेशनों में प्रवेश करते समय रहें चौकस
प्रयागराज। विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम प्रयागराज महाकुम्भ का सोमवार, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के अवसर पर स्नान के साथ ही शुभारम्भ हो रहा है। अगले महीने 26 फरवरी तक आयोजित इस महाकुम्भ में जाने और यहां से अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करने वाले रेल यात्रियों / श्रद्धालुओं की सेवा एवं सुविधा के लिए प्रयाग क्षेत्र के 9 रेलवे स्टेशनों को विशेष रूप से तैयार किया गया है। इन स्टेशनों में प्रयागराज जंक्शन, नैनी जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, सूबेदारगंज, प्रयागराज संगम, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ जंक्शन, प्रयागराज रामबाग स्टेशन और झूंसी स्टेशन शामिल हैं।
प्रयागराज जंक्शन पर अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग द्वार निर्धारित किए गए हैं, जबकि आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को द्वार संख्या 5 से स्टेशन में प्रवेश दिया जाएगा। होल्डिंग एरिया की कलर कोडिंग और अलग-अलग दिशा में जाने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था दूसरे स्टेशनों पर भी की गई है। अनारक्षित टिकट प्रणाली में भी दिशा वार अलग-अलग रंग के टिकटों की व्यवस्था की गई है।
सात नए प्लेटफॉर्मों के निर्माण के साथ ही प्रयागराज क्षेत्र के सभी नौ स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। महाकुम्भ 2019 के दौरान कुल यात्रियों के 45 प्रतिशत का आगमन प्रयागराज जंक्शन पर हुआ था। प्रयागराज के सभी स्टेशनों को जोड़ने वाली सड़कों को अधिक चौड़ा किया गया है। वर्ष 2025 के महाकुम्भ को लक्ष्य में रखते हुए 17 नए अस्थाई यात्री आश्रय का निर्माण किया गया है जिसके साथ ही प्रयाग क्षेत्र में रेलवे आश्रय स्थलों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। इन आश्रय स्थलों की क्षमता 21,000 से बढ़कर 1,10,000 हो गई है।
भारतीय रेल द्वारा प्रतिदिन 10 लाख से अधिक टिकट जारी करने की व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को टिकट लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। डिजिटल महाकुम्भ को लक्षित करते हुए बारकोड आधारित अनारक्षित टिकट सिस्टम पर टिकट लेने की व्यवस्था की गई है। सभी प्लेटफॉर्म पर फर्स्ट एड बूथ की स्थापना की गई है और सभी स्टेशन पर मेडिकल ऑब्जरवेशन रूम बनाया गया है जहां चौबीसों घंटे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। सभी प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में 1186 सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसमें 764 नए कैमरे शामिल हैं। इनमें 116 कैमरा ऐसे हैं, जो फेस रिकॉग्नाइज करने में सक्षम हैं।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाकुंभ 2025 के परिप्रेक्ष्य में प्रयागराज क्षेत्र के 9 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से रेलवे बोर्ड द्वारा की जाने वाली मॉनिटरिंग व्यवस्था का शुभारम्भ किया। उन्होंने 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में यात्रियों को सूचना देने के लिए तैयार की गई बुकलेट भी जारी की। उन्होने बताया कि प्रयागराज स्टेशन पर 12 भारतीय भाषाओं में उद्घोषणा की जा रही है। श्री वैष्णव ने बताया कि संगम में स्नान के लिए प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के लिए प्रयागराज क्षेत्र के सभी 9 स्टेशनों पर व्यापक व्यवस्था की गई है। पूरे महाकुंभ अवधि में भारतीय रेल द्वारा 10000 नियमित गाड़ियों के अलावा 3100 से अधिक विशेष गाड़ियों का परिचालन किया जाएगा। स्पेशल गाड़ियों की संख्या पिछले कुंभ की तुलना में साढ़े चार गुना होगी। उन्होंने कहा कि 1186 सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से सभी स्टेशनों पर नजर रखी जाएगी। सभी स्टेशनों पर विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और इसकी निगरानी रेलवे बोर्ड स्तर पर वार रूम से की जाएगी जहां चौबीसों घंटे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे ।
रेलवे द्वरा पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित तरीके से संपादित करने के लिए 13,000 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा राजकीय रेल पुलिस के लगभग 10,000 जवान भी रेलवे स्टेशन और रेलवे परिसर में यात्रियों की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों की सहायता के लिए 1000 से अधिक स्वयंसेवकों की सेवाएं भी रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध रहेगी। 1000 से अधिक स्वच्छता प्रहरी स्टेशन और स्टेशनों की सफाई को सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात लगे रहेंगे। यात्रियों को सुविधा के लिए सभी स्टेशनों पर नए फुट ओवर ब्रिज, शौचालय, रैंप इत्यादि का निर्माण कराया गया है। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को निकास द्वार की ओर ले जाने हेतु कलर्ड फुट मार्कर की व्यवस्था की गई है।
उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में गंगा, यमुना एवं सरस्वती नदी के संगम पर 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित हो रहा महाकुम्भ-2025 अपनी दिव्यता एवं भव्यता से सबको आकर्षित कर रहा है। 12 वर्ष के समय-अंतराल पर आयोजित होने वाले प्रयाग महाकुम्भ में इस वर्ष 40 करोड़ से अधिक लोगों के संगम में स्नान करने की उम्मीद है जिसमें भारतीय उपमहाद्वीप के देशों के लोग तो शामिल होंगे ही, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, मलेशिया, इंडोनेशिया, कनाडा, मेक्सिको सहित 100 से अधिक देशों के श्रद्धालुओं के भी प्रयागराज आने की सम्भावना है।
इस वर्ष मुख्य स्नान पर्व के लिए छः तिथियां निर्धारित हैं।
- पौष पूर्णिमा: 13 जनवरी, 2025
- मकर संक्रांति: 14 जनवरी, 2025
- मौनी अमावस्याः 29 जनवरी, 2025
- बसंत पंचमी: 3 फरवरी, 2025
- माघ पूर्णिमा: 12 फरवरी, 2025
- महाशिवरात्रि: 26 फरवरी, 2025
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