1500 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई भोपाल से पहली महाकुंभ विशेष रेलगाड़ी
1500 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई
भोपाल से पहली महाकुंभ विशेष रेलगाड़ी
भोपाल। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेला में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू की गई विशेष रेलगाड़ी आज 16 जनवरी को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से पूर्वान्ह 11:10 बजे करीब 1500 श्रद्धालुओं को लेकर बनारस के लिए रवाना हुई। रेल प्रशासन द्वारा की गई घोषणा के अनुसार द्वि-साप्ताहिक रानी कमलापति – बनारस – रानी कमलापति एक्सप्रेस विशेष रेलगाड़ी संख्या 01661 अगले महीने 20 फरवरी तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को रानी कमलापति स्टेशन से सुबह 11:10 बजे प्रस्थान करेगी और प्रयागराज होते हुए अगले दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01662 द्वि-साप्ताहिक विशेष रेलगाड़ी कल 17 जनवरी को दोपहर 14.45 बजे बनारस से रवाना होगी तथा दूससे दिन पूर्वान्ह 11:30 बजे रानी कमलापति स्टेशन आएगी। यह रेलगाड़ी आगामी 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को बनारस से रवाना होगी।
द्वि-साप्ताहिक रानी कमलापति – बनारस – रानी कमलापति एक्सप्रेस विशेष रेलगाड़ी कुल 22 डिब्बे हैं जिनमें 02 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, 04 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 07 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी इकॉनमी, 05 शयनयान श्रेणी और 02 सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह रेलगाड़ी मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बुदनी, नर्मदापुरम, इटारसी, सोहागपुर, पिपरिया, गाडरवारा, करेली, नरसिंहपुर, श्रीधाम, मदनमहल, जबलपुर जंक्शन, देवरी, सिहोरा रोड, कटनी जंक्शन, झुकेही, मैहर, सतना जंक्शन, जैतवार, मझगवां, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर और चुनार स्टेशनों पर रूकेगी ।
उल्लेखनीय है कि रेलवे द्वारा देशभर के श्रद्धालुओं को प्रयागराज एवं वापस अपने गंतव्य तक पहुंचाने लिए आज 349 नियमित ट्रेनों के अलावा 137 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई चलाई जा रही हैं। पहले दो दिनों में प्रयागराज के स्टेशनों पर यात्रियों की कुल संख्या 15 लाख 60 हजार से अधिक रही। इन ट्रेनों में दूर-दराज के इलाकों से महाकुंभ में भाग लेने के लिए लोगों को लाने वाली ट्रेनों के साथ-साथ रिंग रेल सेवाएं भी शामिल हैं जो श्रद्धालुओं को पॉइंट टू पॉइंट कनेक्टिविटी प्रदान करती हैं, ताकि वे चित्रकूट, अयोध्या और वाराणसी जैसे नजदीक के धार्मिक शहरों तक भी जा सकें।
भारतीय रेलवे का श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ के दौरान 13,100 से अधिक ट्रेनें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 10,000 से अधिक नियमित ट्रेनें और 3,100 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। विशेष ट्रेनों की संख्या पिछले कुंभ की तुलना में साढ़े चार गुना अधिक है। इनमें से 1,800 ट्रेनें छोटी दूरी और 700 ट्रेनें लंबी दूरी की हैं। भारतीय रेलवे द्वारा प्रयागराज को जोड़ने वाली रिंग रेल के जरिए चार अलग-अलग रूटों पर 560 ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। ये रूट प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज, प्रयागराज-संगम प्रयाग-जौनपुर-प्रयाग-प्रयागराज, गोविंदपुरी-प्रयागराज-चित्रकूट-गोविंदपुरी और झांसी-गोविंदपुरी-प्रयागराज-मानिकपुर-चित्रकूट-झांसी रूट शामिल हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने महाकुंभ के आसपास 9 रेलवे स्टेशन बनाए हैं। प्रयागराज से ज्यादा ट्रेनें चलाने के लिए, प्रयागराज, फाफामऊ, रामबाग और झूंसी यार्ड को फिर से तैयार किया गया है। प्रयागराज जंक्शन पर दबाव को कम करने के लिए, सूबेदारगंज स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के तौर पर विकसित किया गया है, जिसने पिछले कुंभ 2019 में मेले की भीड़ का 45% हिस्सा अकेले संभाला था। प्रयागराज क्षेत्र के स्टेशनों पर 7 नए प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। अब प्रयागराज क्षेत्र के 9 स्टेशनों पर 48 प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं।
रेलवे ने प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। क्षेत्र में 17 नए स्थायी यात्री आश्रय संचालित हैं। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों पर यात्री आश्रयों की कुल संख्या 28 हो गई है। परिणामस्वरूप, इन यात्री आश्रयों की क्षमता 21,000 से बढ़कर एक लाख दस हजार से अधिक हो गई है। महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए की गई तैयारियों के तहत, रेलवे ने विभिन्न स्टेशनों पर यात्री आश्रयों के लिए एक व्यवस्थित रंग-कोडिंग योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य आवागमन को सुव्यवस्थित करके और निर्दिष्ट प्रतीक्षा क्षेत्रों तक बेहतर पहुंच की सुविधा प्रदान करके यात्री सुविधा में सुधार करना है।
रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण किया गया है। प्रत्येक स्टेशन पर पर्याप्त पेयजल व्यवस्था और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। सभी प्रतीक्षालय और लाउंज को अपग्रेड किया गया है। प्रयागराज जंक्शन और प्रयागराज छिवकी में पहली बार यात्री सुविधा केंद्र शुरू किए गए हैं, जहां यात्रियों को व्हील चेयर, लगेज ट्रॉली, होटल और टैक्सी बुकिंग, ट्रेन में यात्रियों को दवाइयां, शिशुओं को दूध और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी।
अब तक श्रद्धालुओं और ट्रेनों की आवाजाही को सुरक्षित करने के लिए, प्रयागराज और उसके आसपास के जोन में नौ रेलवे स्टेशनों पर 3,200 आरपीएफ कर्मियों सहित लगभग 5900 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। 764 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अब कुल सीसीटीवी कैमरों की संख्या 1186 हो गई है। इसमें 116 फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) कैमरे शामिल हैं, जिनका पहली बार उपद्रवियों की पहचान करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। पहली बार, ट्रैक की निगरानी और स्टेशनों तक पहुंचने वाले रास्तों पर भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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