सशस्त्र सीमा बल के 115 प्रशिक्षु अधिकारियों ने सीमा और देश की सुरक्षा की शपथ ली
सशस्त्र सीमा बल के 115 प्रशिक्षु अधिकारियों ने
सीमा और देश की सुरक्षा की शपथ ली
भोपाल। सशस्त्र सीमा बल अकादमी, भोपाल में सहायक कमांडेंट के 29 वे बैच और सहायक कमांडेंट के 12वें बैच के कुल 115 प्रशिक्षु अधिकारियों का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षु अधिकारियों ने सीमा और देश की सुरक्षा की शपथ ली। इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक श्री अमृत मोहन प्रसाद ने परेड की सलामी ली तथा निरीक्षण किया। उन्होने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित किया। 29वें सहायक कमांडेंट (बैच के सहायक कमांडेंट श्री संदीप कुमार मीना को 'बैस्ट फायरर' सहायक कमांडेंट किशोर कुनाल ट्रॉफी, श्री वैभव पाण्डेय, को 'बैस्ट इनडोर की सी.सी. पाठक ट्रॉफी, श्री जाधव भूषण को "बैस्ट स्र्पोटस' ट्रॉफी एवं श्री सहायक कमांडेंट प्रशांत पोटभरे को "बैस्ट आउटडोर" की राजेश शिवरेन ट्रॉफी तथा "ओवरऑल बेस्ट' का "स्वॉर्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया गया । इसी अवसर पर 12वें सहायक कमांडेंट बैच के सहायक कमांडेंट श्री राजेश कुमार 'बैस्ट फायरर' की किशोर कुनाल ट्रॉफी, सहायक कमांडेंट श्री सुमित कुमार "बैस्ट इनडोर की सी.सी. पाठक ट्रॉफी "बैस्ट इनडोर" की राजेश शिवरेन ट्रॉफी व 'ओवरऑल बेस्ट' की ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक श्री अमृत मोहन प्रसाद ने सभी प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुये कहा कि कठिन परिश्रम कर सफलतापूर्वक प्रशिक्षण का लाभ उनकी शुरूआती सीमाओं पर तैनांती के दौरान तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों में मिलेगा। उन्होंने नेपाल और भूटान के भारत के साथ सौहार्द्रपूर्ण रिश्तों का जिक्र करते हुए इन सीमाओं पर नव प्रशिक्षुओं को कंपनी कमाडंर के तौर पर कार्य करते समय आने वाली चुनौतियों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भारत की नेपाल और भूटान के बीच हुई क्रमशः 1950 और 1949 की संधियों का के तहत पासपोर्ट रहित मुक्त आवागमन जैसे विशेष प्रावधान हैं । उन्होंने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को आगाह किया कि देश विरोधी तत्व, आतंकवादी, मादक पदार्थ तस्कर एवं मानव तस्कर ऐसी परिस्थितियों में गलत फायदा उठा सकते हैं अतः ऐसी सीमाओं पर सीमा पार लोगो के मुक्त आवागमन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। महानिदेशक ने नव प्रशिक्षुओं को कंपनी कमांडर के तौर पर नेतृत्व तथा टीम भावना का महत्व समझाते हुए स्थानीय जनता के साथ मिल-जुलकर कार्य करने पर बल दिया। उन्होने कहा कि सीमा पर अपने कर्तव्य का निर्वाह करंते समय शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना अतिआवश्यक है । उन्होंने नव प्रशिक्षुओं को भारत सरकार के i-GOT ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल के महत्व के बारे में बताया तथा इस पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
आरम्भ में सशस्त्र सीमा बल अकादमी के सुसज्जित परेड ग्राउंड पर बैंड की मधुर धुनों पर नव प्रशिक्षणार्थियों ने कदमताल मिलाते हुए दीक्षांत शपथ ग्रहण परेड में भाग लिया। उप महानिरीक्षक श्री अजीत सिंह राठौड़, और सशस्त्र सीमा बल के मुख्यालय नई दिल्ली के महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) डॉ० परेश सक्सैना सलामी दी गई। कमांडेंट (प्रशिक्षण) श्रीमती सुवर्णा सजवान ने सभी नव प्रशिक्षणार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज एवं सशस्त्र सीमा बल ध्वज की रक्षा तथा सीमा और राष्ट्रसेवा की शपथ द दिलाई। इसी अवसर पर महानिदेशक और अन्य अतिथियों ने अकादमी की वार्षिक पत्रिका "भोजपत्र" के 9वें अंक का विमोचन भी किया। दीक्षांत समारोह के दौरान अकादमी के बैण्ड दस्ता एवं अश्वों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गई जिसकी वहां मौजूद सभी अतिथियों और प्रशिक्षु अधिकारियों के परिजनों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
उल्लेखनीय है कि दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, झारखण्ड, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, जम्मू कश्मीर, तेलंगाना, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रशिक्षु अधिकारियों ने भाग लिया । प्रशिक्षु अधिकारियों के दोनो बैच में प्रौद्योगिकी, मानविकी, विज्ञान स्नातक, विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार, समाज शास्त्र, विधि एंव कृषि विज्ञान से स्नातक तथा स्नातकोत्तर शिक्षित हैं।
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