ज्ञान का संदेश विश्व में फैला रहीं ब्रह्माकुमारी बहनें ........ कटनी की धरती पर गूंजी सन्तों की वाणी, निकली भव्य शोभायात्रा

कटनी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने कटनी में रविवार को संत समागम एवं गृहस्थ जीवन में कमल समान जीवन यापन करने वालों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में ग्रहस्थ आश्रम में रहते हुए पवित्र जीवन जीने वाले युगलों का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करने वाले ग्रहस्थ जोड़ियों ने अपने अनुभव भी सुनाए। संत सम्मेलन में विशेष रूप से सन्त महामंडलेश्वर कमल किशोर जी महाराज शिवशक्ति अखाड़ा सहारनपुर, गुरुमाता साध्वी अनिता दीदीजी सहारनपुर, अंतरराष्ट्रीय धर्मगुरु महामंडलेश्वर श्री राधे जी सरकार जबलपुर, आचार्य श्री परमानंद जी सतना, पुष्पेंद्र महाराज श्री प्रेम नारायण जनसेवा संस्थान, परम् तपस्वी सन्त त्यागी जी महाराज ज्ञान तीर्थ विश्व कल्याण आश्रम स्वर्ग धाम कटनी, राजयोगी ब्रह्माकुमार नारायण भाई ज़ोन कॉर्डिनेटर धार्मिक प्रभाग इंदौर ज़ोन, बीके पुष्पा दीदी सब कॉर्डिनेटर धार्मिक प्रभाग इंदौर ज़ोन राजिम, बीके भारती दीदी कथा वाचक ने उपस्थिति दर्ज करवाई। सन्त सम्मेलन व गृहस्थ जीवन में पवित्र सराहने वाली जोड़ियों के सम्मान के पूर्व सुंदर शोभायात्रा निकाली गई। सन्त सम्मेलन में पधारे सन्त शोभायात्रा में शामिल होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमार नारायण भाई, ज़ोन कॉर्डिनेटर धार्मिक प्रभाग इंदौर ज़ोन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ओमशान्ति प्यारा मंत्र है जो सब समस्याओं का समाधान कर देता है। मन निर्मल हो जाता है। ऐसा मंत्र देने वाला शिव, जिसकी हमने अभी शिवरात्रि भी मनाई। एक तरफ है प्रयागराज का कुम्भ और दूसरी तरफ है ज्ञान का कुम्भ। आज हम देख रहे हैं ये ज्ञान का महाकुंभ लगा हुआ है। जीवन को कमल जैसा बनाना है तो केवल मुस्कुराओ। दूसरों को खुशी देने से बड़ा परोपकार हो नहीं सकता।
कटनी की महापौर प्रीति सूरी ने कहा कि ये सत्य है कि शिव ही सुंदर हैं, सत्य हैं। शिव ही बैकुंठ तक पहुंचाते हैं। मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। उन्होने आह्वान किया कि हम यहां संकल्प लें कि हम अच्छे विचार धारण करें व आत्मा परमात्मा के मिलन द्वारा हम बैकुंठ तक पहुंच जाएं। ब्रह्माकुमारी बहने लगातार ज्ञान का दीपक जलाती रहती हैं। वे साधुवाद की पात्र हैं।
संत सम्मेलन में विशेष रूप से शिवशक्ति अखाड़ा सहारनपुर से पधारे सन्त महामंडलेश्वर कमल किशोर जी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा के बच्चे हैं, परमात्मा शिव की संतान हैं, वही तो ब्रह्माकुमारी और ब्रह्माकुमार हैं। ब्रह्माकुमारीज़ का कार्य कोई छोटा मोटा तो नहीं है, ये परमात्मा का कार्य है। सन्तों का मिलन बड़ी मुश्किल से होता है। हम भगवा कपड़े में दिख रहे हैं लेकिन श्वेत कपड़ों में बैठे हुए सन्त हैं। हम तो घर बार छोड़कर तपस्या करने निकल जाते हैं। लेकिन आप लोग घर मे रहते हुए तपस्वी जीवन जीते हैं। उन्होने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी ने लिखा है कि मनुष्य की आयु 30 वर्ष रह जाएगी। लोग बालों की तरफ ज्यादा ध्यान देंगे। सन 2046 तक पुरानी सृष्टि का विनाश और नई सृष्टि की स्थापना बताई गई है। विष्णु पुराण व भविष्य पुराण में भी इसका उल्लेख है। हमे ब्रह्माकुमारी बहनों से जीवन जीना सीखना चाहिए।
सतना से पधारे परमानंद जी ने अपना अनुभव सुनते हुए कहा कि एक बार हम ट्रेन में थे, किसी ने पूछा कि कहां गए थे? तो हमने कहा की ब्रह्माकुमारी आश्रम गए थे, तो उन्होंने कहा कि आप सनातनी हो वो तो ईसाई हैं। हमने कहा कि बिना ब्रह्माकुमारीज़ गए, आप कैसे कह सकते हैं कि वे ईसाई हैं। केवल सफेद वस्त्र पहनने से कोई ईसाई होता यो सब राजनेता सफेद कपड़े पहनते हैं। अगर ब्रह्माकुमारीज़ कहती हैं कि भगवान आया हुआ है तो कोई तो आधार होगा। आप आकर समझो तो सही। हम तो ब्रह्माकुमारी संस्था में ही हैं। एक धर्मग्रंथ गीता एक ही भगवान शिव हैं। अंततोगत्वा सबको ब्रह्माकुमारीज़ की शरण मे आना ही पड़ेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गिरधर पोद्दार जी ने कहा कि हम सकारात्मक पक्ष में चल रहे हैं। हमारे ग्रन्थों ने कहा है कि यत्र पूज्यंते नारी, तत्र रमन्ते देवता। मैं तो पूरे समय भोलेनाथ के कार्य मे लगा हुआ हूँ। भारत तिब्बत मंच संगठन पूरे विश्व में कैलाश मान सरोवर मुक्त करने का अभियान चला रहा है।
पुष्पेंद्र महाराज ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एकमात्र ऐसा विश्विद्यालय है, जहां परमात्मा पढ़ाते हैं। ऐसा न कोई दूसरा है, न कोई हो सकता है।रामकृष्ण परमहंस का उद्धरण देकर समझाया कि परमात्मा का पता जानने के लिए खुद के बारे में, खुद के पते के बारे जानना होगा। कहते हैं कि परमात्मा नहीं है, उनपर धिक्कार है। अगर परमात्मा नहीं है तो चल कैसे रहे हैं। अगर आपको स्वर्ग देखना है तो माउंट आबू चले जाओ। वहां साक्षात परमात्मा का वास है।
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम से पधारीं बीके पुष्पा दीदी ने कहा कि कल्प कल्प ड्रामा में यह कार्यक्रम दर्ज हो गया। भारत मे अतिथि देवो भवः कहना, ये हमारा आत्मिक भाव है। अब दुनिया मे अति तमोप्रधानता का समय आ गया है। भारत विश्व गुरु तभी बनेगा, जब हमारी भावनाएं सकारात्मक होंगीं। आने वाला समय भारत विश्व गुरु बनेगा अर्थात सोने की चिड़िया बनेगा।
कार्यक्रम में गीतांजलि परिषद के शिष्यों ने भक्ति गीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का सफल संचाल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से पधारी ब्रह्माकुमारी राखी बहन ने किया। सन्त सम्मेलन व सम्मान समारोह में 50 युगलों का सम्मान किया गया। कटनी के गणमान्य नागरिकों और आश्रम से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।