क्या आप होली देखने / खेलने मथुरा, वृंदावन जा रहे हैं ? तो जानिए.... किस दिन मनाई जाएगी कौन सी होली

मथुरा। कान्हा की नगरी ब्रज में होली का खास अंदाज देखने को मिलता है, जो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ब्रज में होली की शुरुआत बसंत पंचमी से हो जाती है, जो 40 दिन तक चलती है। बसंत पंचमी के दिन वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुबह श्रृंगार आरती के बाद भगवान के गालों पर गुलाल लगाया जाता है। इसके बाद प्रसाद के रूप में गुलाल भक्तों पर डाला जाता है और इसी के साथ ब्रज की होली का महोत्सव का भी शुभारंभ हो जाता है। ब्रज की होली में शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में लोग यहां आते हैं और हर दिन होली का आनंद लेते हैं। अगर आप भी विश्व प्रसिद्ध ब्रज की होली का आनंद लेना चाहते हैं तो यह जानना जरूरी है कि कौस सी होली कब मनाई जाएगी ? उसी के अनुसार आप ब्रज जाने का कार्यक्रम बना सकते हैं।
पूरे विश्व में प्रसिद्ध है ब्रज की होली
होलिका दहन 13 मार्च की रात को होगा और अगले दिन यानी 14 मार्च को रंगों वाली होली (धुलेड़ी) खेली जाएगी। हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन धुलेड़ी मनाई जाती है। ब्रज में होली की शुरुआत बांके बिहारी मंदिर से होती है और समापन रंगनाथ मंदिर से होता है। अपनी अनूठी परंपरा को लेकर देश-दुनिया में विशेष पहचान रखने वाली होली का आनंद लेने के लिए देश से ही नहीं बल्कि सात समंदर पार से भी लोग इस उत्सव को देखने और शामिल होने के लिए आते हैं। ब्रज की होली में होली गीत, पद गायन की प्राचीन परंपरा है, जिसे समाज गायन भी कहा जाता है।
ब्रज में 40 दिन तक मनाया जाता है होलिका महोत्सव
ब्रज में होली का उत्सव आज से नहीं बल्कि द्वापर युग से मनाया जा रहा है। इस होली की शुरुआत बसंत पंचमी से हो जाती है और अगले 40 दिन तक होलिका महोत्सव मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन होलिका दहन के स्थलों पर होली का ढांड़ा गाड़े जाने की परंपरा होती है। इसके बाद फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और आले दिन धुलेड़ी को रंगों की होली मनाई जाती है। होली पर एक दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं।
आइए यहां जानते हैं इस साल मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना समेत पूरे ब्रज में किस दिन कौन सी होली मनाई जाएगी.......
3 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी पर होली ध्वजारोहण किया गया।
7 मार्च को नंदगांव और बरसाना में फाग आमंत्रण दिया जाएगा और शाम के समय लाडलीजी के मंदिर में लड्डूमार होली के उत्सव का आयोजन किया जाएगा.
8 मार्च को बरसाने में रंगीली गली में लट्ठमार होली का उत्सव मनाया जाएगा
9 मार्च को नंदगांव में लट्ठमार होली का उत्सव मनाया जाएगा
10 मार्च को बांके बिहारी मंदिर में फूलों की होली खेली जाएगी
10 मार्च को ही कृष्ण जन्मभूमि पर हुरंगा आयोजित किया जाएगा
11 मार्च को गोकुल के रमणरेती और द्वारकाधीश मंदिर में होली खेली जाएगी
12 मार्च को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में होली का उत्सव मनाया जाएगा
13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा
14 मार्च को पूरे ब्रज में होली का उत्सव मनाया जाएगा
होली के बाद ब्रज में यहां होगा रंगोत्सव
15 मार्च को बलदेव के दाऊजी मंदिर में हुरंगा खेला जाएगा
16 मार्च को नंदगांव में हुरंगा खेला जाएगा
17 मार्च को जाव गांव में पारंपरिक हुरंगा खेला जाएगा
18 मार्च को मुखरई में चरकुला नृत्य का आयोजन किया जाएगा
22 मार्च को वृंदावन के रंगनाथ मंदिर में होली का उत्सव मनाया जाएगा और इसी के साथ 40 दिन तक चलने वाला होली महोत्सव का समापन हो जाएगा।
रंगोत्सव होली पर्व की अग्रिम बधाई... हार्दिक शुभकामनाएं।