हाइड्रोजन ईंधन से चलेंगे बस और ट्रक

हाइड्रोजन ईंधन से चलेंगे बस और ट्रक
नई दिल्ली। देश के दस प्रमुख मार्गों पर अगले डेढ़ से दो साल के भीतर हाईड्रोजन ईंधन से बसों और ट्रकों के चलने की सम्भावना है। ये वाहन देश भर में 10 अलग-अलग मार्गों जैसे ग्रेटर नोएडा - दिल्ली - आगरा, भुवनेश्वर - कोणार्क - पुरी, अहमदाबाद - वडोदरा - सूरत, साहिबाबाद - फरीदाबाद - दिल्ली, पुणे - मुंबई, जमशेदपुर - कलिंग नगर, तिरुवनंतपुरम - कोच्चि, कोच्चि - एडापल्ली, जामनगर - अहमदाबाद और एनएच 16 - विशाखापत्तनम – बय्यावरम पर चलेंगे।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत सरकार ने बसों और ट्रकों में हाइड्रोजन के उपयोग के लिए पांच पायलट परियोजनाएं शुरू की हैं। इसके तहत विभिन्न प्रकार के हाइड्रोजन आधारित वाहनों, मार्गों और हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशनों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। विस्तृत जांच के बाद, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कुल 37 बसों और ट्रकों तथा 9 हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशनों से युक्त पांच पायलट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सरकार ने चयनित परियोजनाओं के लिए लगभग 208 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। परीक्षण के लिए चुने जाने वाले वाहनों में 15 हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित वाहन और 22 हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन आधारित वाहन शामिल हैं। यह परियोजनाएं टाटा मोटर्स लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एनटीपीसी, एएनईआरटी, अशोक लीलैंड, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल जैसी प्रमुख कंपनियों को दी गई हैं।
इस योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान करने का मुख्य क्षेत्र परिवहन क्षेत्र में बसों और ट्रकों में ईंधन के रूप में हाइड्रोजन के उपयोग के लिए व्यावसायिक रूप से प्रौद्योगिकियों का विकास और हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशनों जैसे सहायक बुनियादी ढांचे का विकास करना है। मिशन का उद्देश्य बसों और ट्रकों में ईंधन के रूप में चरणबद्ध ढ़ंग से हरित हाइड्रोजन का उपयोग करना है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 04 जनवरी 2023 को शुरू किया गया था। इस मिशन के कार्यांवयन के लिये सरकार ने वित्त वर्ष 2029-30 तक कुल 19,744 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है । यह मिशन स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से देश के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में योगदान देगा और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा के लिए प्रेरणा का काम करेगा। इस मिशन से जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश को हरित हाइड्रोजन में प्रौद्योगिकी और बाजार में अग्रणी भूमिका हासिल करने में मदद मिलेगी।