इग्नू के भोपाल सहित देश के 39 क्षेत्रीय केन्द्रों पर

3,13,770 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई

 

भोपाल।  इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का 38वॉं दीक्षांत समारोह आज नई दिल्ली में मुख्यालय सहित देश भर के इग्नू के 39 क्षेत्रीय केन्द्रों पर आयोजित किया गया जिसमें टेलिकॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से देश भर के 3,13,770 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। मुख्य समारोह नई दिल्ली में इग्नू के मुख्यालय मैदानगढ़ी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि थे। भोपाल में भी दीक्षांत समारोह इग्नू के क्षेत्रीय केन्द्र के सभागार में आयोजित किया गया जिसमें  2004 अहर्य अभ्यर्थियों में से 250 से भी अधिक विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से उपाधि प्रदान की गयी। भोपाल क्षेत्रीय केंद्र पर 867 मास्टर लेवल प्रोग्राम, 507  ग्रेजुएशन लेवल प्रोग्राम 430 पी.जी. डिप्लोमा एवं डिप्लोमा तथा 200 उपाधियाँ सर्टिफिकेट प्रोग्राम के सफल अभ्यर्थियों को प्रदान की गयी । भोपाल केंद्र से 1210 विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी एवं 85  विद्यार्थियों को डिस्टिंशन (Distinction) के साथ उपाधियाँ प्रदान कर सम्मानित किया गया । इसके अतिरिक्त चालीस (40) उपाधियाँ जेल अध्ययन केंद्र के बंदी छात्रों को भी प्रदान की गई। भारतीय ज्ञान परंपरा के पाठ्यक्रम एम.ए. (ज्योतिष) एवं वास्तु में डिप्लोमा को सफलता पूर्वक  उत्तीर्ण करने हेतु 28  विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गयी।

 

     भोपाल में आयोजित दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरू प्रो. सुरेश कुमार जैन प्रो  जैन ने कहा, कि इग्नू अपनी उत्कृष्ट पाठ्य-सामग्री के माध्यम से सार्वभौमिक रूप से ज्ञान, समाज के हर वर्ग एवं भौगोलिक रूप से सुदूर क्षेत्रों में असीमित छात्रों तक पहुँचाने की क्षमता रखता है। उन्होने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उपाधि प्राप्त करने के पश्चात् विद्यार्थियों के पास रोजगार एवं उद्यम के अनेक अवसर प्राप्त होंगे, परन्तु साथ-साथ नई चुनौतियां तथा सामाजिक एवं आर्थिक जटिलतायें भी आयेंगी, जिनका समाधान छात्रों को अपने अर्जित ज्ञान तथा अनुभव तथा नवाचार के माध्यम से करना होगा। प्रो. जैन ने छात्रों से कहा कि जब वह इस अर्जित ज्ञान के माध्यम से सेवा के क्षेत्र में आयेंगे, तो उन्हें अपनी कौशल दक्षता, ज्ञान एवं सकारात्मक सोच से परिवार, समाज एवं देश का चहुमुखी विकास करना होगा एवं उन्हें अपने सुदृढ़ व्यक्तित्व का निमार्ण करना चाहिए, जिससे उनके कार्यक्षेत्र में उन्हें सफलता मिल सके।

     इस अवसर पर इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बिनी टॉम्स समस्त उपाधि धारक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत जैसे विशाल देश के लिए दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा एक सुदृढ़ विकल्प है जो गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए उच्च शिक्षा  में प्रतिभागिता के प्रतिशत को बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। क्षेत्रीय निदेशक ने पिछले एक वर्ष का प्रगति प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करते हुये बताया कि प्रदेश के विश्विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में इग्नू अध्ययन केन्द्रों के विस्तार से  प्रदेश के युवाओ को भारतीय ज्ञान परंपरा के घटको, विदेशी भाषा एवं अन्य पाठ्यक्रमों को पढ़ने का अवसर मिल रहा है । इन प्रयासों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति  2020 में निहित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बहुविकल्पीय मार्ग मिलेगा तथा इग्नू की पहुँच दूरदराज के क्षेत्रों में बढ़ेगी और इस पहल से राज्य में समावेशी उच्च शिक्षा का मार्ग सशक्त  होगा।  क्षेत्रीय निदेशक ने यह भी बताया  की  उच्च शिक्षा के प्रसार हेतु इग्नू द्वारा बरकतउल्ला  विश्वविद्यालय  में नवीन अध्ययन केंद्र की स्थापना की गयी है। उन्होने बताया कि भारतीय ज्ञान परम्परा के पाठ्यक्रमो के  सुचारू संचालन हेतु केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयभोपाल परिसर में इग्नू का अध्ययन केंद्र स्थापित किया हैं जहां 250 से भी अधिक विद्यार्थी प्रवेश प्राप्त कर लाभान्वित हुए हैं।

    समारोह में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र भोपाल द्वारा ई-विद्या भारती प्रोजेक्ट के अंतर्गत MBA, PGDDM एवं CDM पाठ्यक्रमों के अकादमिक सेवाओं 08 अफ्रीकी देशों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से प्रदान किया गया जिनमे से PGDDM /CDM के 12 विद्यार्थियों को इस दीक्षांत समारोह में उपाधि प्रदान की जा रही है।  इसके अलावा 78 वर्षीय श्री वृंदावन प्रसाद तिवारी ने एम्. ए.(ज्योतिष) की डिग्री प्राप्त की तथा लगभग 25 अन्य ऐसे विद्यार्थी थे जिन्होंने 60 वर्ष के उपरांत अपनी जीवन पर्यन्त शिक्षा को जारी रखा एवं ज्योतिष लोक प्रशासन तथा हिंदी साहित्य विषयों में डिग्री हासिल की। इसी अवसर पर इग्नू एमएसडीई प्रसार केन्द्र, जन शिक्षण संस्थान भोपाल, एवं क्राइस्ट कॉलेज भोपाल के विद्यार्थियों/लाभार्थियों द्वारा बनाये गये, हस्त कलाओं का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र के सभी अधिकारी, प्रो. हरकीरत बैंस, डॉ अंशुमान उपाध्याय, अपर निदेशक, डॉ सुबास रंजन नायक, डॉ. स्मृति गार्गव उप निदेशक, एवं अन्य कर्मचारी, इग्नू अध्ययन केन्द्र के समन्वयक, कार्यक्रम प्रभारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  

 

 

न्यूज़ सोर्स : इग्नू पसूका