परिवार में संस्कार और संवाद की आवश्यकता -  पूर्व सांसद श्री पुष्प जैन

महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के इंदौर चैप्टर का आयोजन   

    इंदौर (अरूण जैन)। हमने बहुत तरक्की कर ली है, बहुत विकास भी किया है किंतु  हम अपनी संस्कृति से  दूर होते जा रहे हैं।  हमारे संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं । संयुक्त परिवार की परंपरा समाप्त होते जा रही है और संवादहीनता के कारण हम अपने परिवार के बीच ही पराए हो गए हैं। ये विचार पाली, राजस्थान के पूर्व सांसद श्री वीर पुष्प जैन जी ने महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन की इंदौर चैप्टर के नवगठित अध्यक्ष श्री हुलास बेताला की शपथ विधि समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। श्री जैन ने चिंता जताते हुये कहा कि हमें आज अपने बच्चों के साथ एक घंटा बैठने का वक्त नहीं है, परिवार के साथ एक अच्छा समय बिताने की फुरसत नहीं है और बच्चे कहते हैं कि माता पिता बूढ़े हो गए हैं। वे उनकी सलाह लेना भी नहीं चाहते।

            परिवार में बुजुर्गों की अहमियत की चर्चा करते हुए श्री जैन ने कहा कि परिवार की मर्यादा और नैतिक डर के कारण पहले कोई भी व्यक्ति गलत काम करने से डरता था। परिवार में दादा दादी, माता-पिता और पास पड़ोस के लोगों का रूतबा रहता था लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं।  दादा दादी को हम या तो गांव में या वृद्धाश्रम में छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। बुजुर्गों को एक अलग कमरे में नौकरों के भरोसे छोड़ने लगे हैं। उन्होने सवाल किया कि कभी आपने अपनी माता के पैर दबाएं हैं ?  कभी उनके पास कुछ समय बिताकर उनके हाल चाल पूछे हैं? यदि उनके साथ कुछ समय बिताते और उनसे सुख दुख की बातें करते तो उनका आधा दर्द वैसे ही दूर हो जाता है। श्री जैन ने कहा कि हम जैसा अन्न ग्रहण करते हैं, वैसे ही हमारा विचार और व्यवहार होता है। उन्होने कहा कि आज की युवा पीढ़ी फैशन के नम पर फटी जींस पहन रहे हैं। उनको रोकने वाले दादा-दादी, मां-बाप की शिकायत है कि बड़े होते ही बच्चे उनकी सुनते नहीं है। इसके लिए दोषी हम स्वयं हैं।

         श्री जैन ने बताया कि यूरोप और अमेरिका में भारतीय संस्कृति सीख रहे हैं और हम विदेशी खाने, पहनावे और ओल्ड एज होम की ओर बुजुर्गों को धकेल रहे हैं। ये बदलाव मानसिक बीमारी और तनाव ला रहे हैं, जिस कारण हृदयाघात बढ़ रहे हैं। भारत मधुमेह में विश्व की राजधानी बन रहा है।  हृदय रोग और साइलेंट अटैक गम्भीर बीमारी बनते जा रही है। उन्होने समझाईश दी कि साइलेंट अटैक से बचना है तो साइलेंट मत रहो, गलत बात का विरोध करो, अपने गांव, अपनी धरती पर हर साल एक माह बिताओ, अपने लोगों और परिवार को समय दो, समाज को समय दो, भौतिकता त्याग कर समाज के लिए विसर्जन करो। श्री जैन ने कहा कि  हमारे शरीर की मूल प्रवृत्ति और प्रकृति विसर्जन की है, जिंदगी भर अर्जन किया है, जितनी जल्दी विसर्जन करना सीख लेंगे उतनी जल्दी आप वीर बनेंगे। उन्होने बताया कि  महावीर बनने में भगवान को चौदह वर्ष लगे थे, उन्होंने प्रयोग किए, त्याग किए और हमारे समाज को एक नई राह दिखाई। उन्होंने समाज के सभी लोगों का आह्वान किया कि आप इस ओर प्रवृत्त हों और प्रयास करें कि हम सेवा , संस्कार और स्वावलंबन के जिस यज्ञ को लेकर संकल्पित हैं, उसमें तन, मन और धन से अपनी आहुति अवश्य दें।

         कार्यक्रम के आरम्भ में छत्तीसगढ़ निशक्तजन विकास आयोग के अध्यक्ष काबिना मंत्री दर्जा प्राप्त वीर श्री लोकेश जी कावड़िया ने संस्था के विकास और 2017 से अब तक के प्रयास और महती सफलता की जानकारी दी। इस अवसर पर श्री जितेंद्र चौपड़ा की सचिव रुप में  नियुक्ति की गई। पूर्व अध्यक्ष श्री रावत जी भी मंच पर मौजूद रहे।     कार्यक्रम के अंत में वीर पुष्प जैन की सेवाओं के लिए प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान ज्ञापित किया गया। आभार नवनियुक्त अध्यक्ष श्री हुलास बेताला ने प्रकट किया।    कार्यक्रम के अंत में श्री वीर पुष्प जैन को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। आभार श्री हुलास बेताला ने प्रकट किया। शहर के गणमान्य जनों के साथ संगठन समन्वयक श्री अरुण कुमार जैन, श्री पीयूष जैन, श्री डाकलिया जी, श्री प्रकाश भटेवरा, श्री सुभाष विनायक्या, श्री महावीर धाकड़, श्री हेमंत वोरा, श्री जिनेश्वर जैन आदि मौजूद रहे। ज्ञातव्य है कि इस संगठन में हर वह व्यक्ति जो मांसाहार और मदिरापान नहीं करता हो वह सदस्य बन सकता है।

 एक हजार दृष्टि बाधित बच्चों को व्यवहारिक प्रशिक्षण 25 जुलाई से

 महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन द्वारा अगले महीने इंदौर में 25 से 29 जुलाई तक  पंद्रह राज्यों के लगभग एक हजार दृष्टि बाधित बच्चों का स्वालंबन शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में करीब 300 शिक्षक – प्रशिक्षक बच्चों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देंगे । महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन द्वारा अभी तक पूरे भारत में करीब 42000 से ज्यादा निशक्तजनों, महिलाओं, मंद बुद्धि बच्चों और दृष्टि बाधित बच्चों को प्रशिक्षण देकर रोजगार मुहैया कराया गया है। अभी इस ऑर्गेनाइजेशन के करीब पैंतालीस केंद्र पूरे भारत में चल रहे हैं और इनके परिणाम आश्चर्यजनक हैं।

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श्री अरूण जैन  महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन द्वारा अगले महीने इंदौर में 25 से 29 जुलाई तक आयोजित कार्यक्रम के प्रचार प्रभारी हैं । भारतीय राजस्व सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री जैन व्यंग्यकार, कवि और लेखक हैं तथा उनके व्यंग्य संग्रह भी प्रकाशित हो चुके हैं।