प्रो. हाशमी के गीतों से सजी महफिल "रूहानियत"

51 हजार रूपये का हर साल दिया जाएगा पुरस्कार 

रतलाम, 13 जुलाई। सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. श्रद्धेय स्व. अजहर हाशमी जी के गीतों पर आधारित एक संगीतमय शाम "रूहानियत" का रतलाम में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुम्बई से पधारे युवा संगीतकार श्री सिद्धार्थ काश्यप ने किया। इस अवसर पर स्थानीय प्रतिभाशाली कलाकारों ने हाशमी जी द्वारा लिखित गीतों का संगीतमय गायन किया स्नेहा पंडित, किरण छाबड़ा, संगीता जैन, देवसर मैडम, प्राची पुरोहित, अक्षत, पीयूष आदि गायक कलाकारों ने सुमधुर स्वरों में प्रस्तुति देकर प्रो. हाशमी को संगीतमय श्रद्धांजलि दी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री काश्यप ने प्रो. हाशमी की स्मृति में साहित्यकार और ललित कला के उत्कृष्ट कलाकारों  मे से चयनित एक साहित्यकार अथवा कलाकार को प्रतिवर्ष 51,000 रूपये  का नगद  पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की । 

      कार्यक्रम के दौरान श्रद्धेय हाशमी जी के शिष्यों एवं प्रसिद्ध साहित्यकारों द्वारा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर लिखे गए आलेखों का संग्रह "बलिहारी गुरु आपकी" का लोकार्पण भी किया गया तथा पुस्तक पर चर्चा भी की । " बलिहारी गुरु आपकी " पुस्तक का अनौपचारिक विमोचन स्वयं हाशमी जी ने अपने शिष्यों के आग्रह पर स्वयं अपने ही हाथों से अपनी मृत्यु से दो दिन पहले किया  था । इसी पुस्तक का विधिवत विमोचन "रूहानियत" में अतिथियों ने किया। ज्ञातव्य  है कि प्रो. हाशमी उच्च कोटि के ज्योतिष भी थे।

    

  इसी अवसर पर इंदौर से पधारे अतिथिद्वय साहित्यकार श्री अरुण कुमार जैन एवं वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री क्रांति जी चतुर्वेदी का स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान गायक कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर प्रो,. हाशमी के अंतिम पॉडकास्ट का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन और संयोजन सुश्री प्रवीणा दवेसर ने किया।

 

न्यूज़ सोर्स : अरूण कुमार जैन