उज्जैन में 11 सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को ग्राम दाऊदखेड़ी स्थित सांदीपनि विद्यालय में मर्ज कर स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे 2,978 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। कई स्कूलों को 3.5 से 7 किलोमीटर दूर शिफ्ट किया जा रहा है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दूरी संबंधी नियमों के विपरीत बताया गया है। इन विद्यालयों में अधिकांश विद्यार्थी गरीब परिवारों से हैं, इसलिए दूर जाने से पढ़ाई छूटने का खतरा बढ़ गया है। 60 से अधिक छात्राओं के पालकों ने स्कूल छोड़ने के आवेदन दिए हैं। दो स्कूल प्रबंधन समितियाँ इस निर्णय के खिलाफ न्यायालय पहुंच चुकी हैं। मामले में शासन स्तर पर हस्तक्षेप कर विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की मांग उठी है।

सरोकार..............

शिक्षा विभाग के प्रयोगों ने

बच्चों को कर दिया है शिक्षा से दूर

  • डॉ. चन्दर सोनाने

                   शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियमों के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालयों को नए भवन से अधिकतम 2 किलोमीटर तक की दूरी तक ही शिफ्ट किया जा सकता है। इसी प्रकार माध्यमिक विद्यालयों को अधिकतम 5 किलोमीटर तक की दूरी तक ही शिफ्ट किया जा सकता है। किन्तु उज्जैन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियमों की खुलकर अवहेलना की जा रही है। इस प्रकार शिक्षा विभाग के प्रयोगों द्वारा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है !

          मध्यप्रदेश में पहले सीएम राइज स्कूल और अब सांदीपनि के नाम से खोले जा रहे स्कूल शिक्षा विभाग के प्राथमिकता वाले कार्यो में शामिल है। उज्जैन से करीब 7 किलामीटर दूर ग्राम दाऊदखेड़ी में 54 करोड़ 27 लाख की लागत से एक बड़ी बिल्डिंग बनाई गई है। भवन तैयार होते ही इसी साल से समीप के 11 स्कूलों को इस स्कूल में मर्ज करने का काम आरंभ कर दिया गया है। इन 11 स्कूलों के नाम है - सांदीपनि विद्यालय महाराजवाड़ा क्रमांक 3, प्राथमिक विद्यालय  पालखेड़ी, प्रावि प्राथमिक विद्यालय सांवराखेड़ी, माध्यमिक विद्यालय चांदमुख, प्राथमिक विद्यालय सिकंदरी, माध्यमिक विद्यालय गोठड़ा, माध्यमिक विद्यालय नूतन जयसिंहपुरा, माध्यमिक विद्यालय महाकाल मैदान, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवगंज, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजवाड़ा क्रमांक 2 और कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराफा।

          ग्राम दाऊदखेड़ी के सांदीपनि स्कूल में 11 प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन स्कूलों में कुल 2,978 विद्यार्थी अध्ययनरत है। शिक्षा विभाग के प्रयोगों द्वारा इन करीब 3 हजार बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है ! उल्लेखनीय यह भी है कि इन सभी सरकारी स्कूलों में गरीब परिवारों के छात्र-छात्राएं ही पढ़ रहे हैं।

         शासकीय प्राथमिक विद्यालय पालखेड़ी जिसे दाऊदखेड़ी में शिफ्ट किया जा रहा है। उसकी दूरी 3.5 किलोमीटर है। इसी प्रकार दो माध्यमिक विद्यालयों नूतन जयसिंहपुरा और शासकीय विद्यालय महाकाल मैदान की दाऊदखेड़ी से दूरी करीब 7 किलोमीटर है। इतनी दूर बच्चों को शिफ्ट करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। 

           इसी प्रकार कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक की कक्षाओं के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल को शिफ्ट करने से पहले शिक्षा विभाग को अपने भोपाल स्थित मुख्यालय से अनुमति लेना जरूरी है ! किन्तु शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अनुमति लेने के पहले ही 30 मार्च 2026 को उक्त स्कूलों को दाऊदखेड़ी में शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया है। अब आदेश जारी करने के बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवगंज, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराफा और बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 के प्रस्ताव भोपाल भेजे गए है।  

        शासकीय माध्यमिक विद्यालय नूतन जयसिंहपुरा के 300 विद्यार्थियों को, शासकीय माध्यमिक विद्यालय महाकाल मैदान के 352 विद्यार्थियों को 7 किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए गए है। इसी प्रकार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवगंज के 370 विद्यार्थी, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजवाड़ा क्रमांक 2 के 360 विद्यार्थियों तथा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराफा के 580 विद्यार्थियों को भी उनके वर्तमान स्कूल से 7 किलोमीटर दूर शिफ्ट करने का आदेश जारी किया गया है। 

         शिक्षा विभाग के इन प्रयोगों के कारण 2 स्कूल की समिति शासकीय माध्यमिक विद्यालय महाकाल मैदान और शासकीय माध्यमिक विद्यालय नूतन जयसिंहपुरा कोर्ट पहुंच गई है। यही नहीं 60 से अधिक छात्राओं के पालकों ने अपनी बच्चियों को स्कूल से निकालने के आवेदन भी दे दिए है। किन्तु स्कूल द्वारा उन्हें टीसी नहीं दी जा रही है। आश्चर्य की बात यह भी है कि शिफ्ट किए जा रहे 11 स्कूलों में से 2 गर्ल्स स्कूलों को भी दाऊदखेड़ी शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि गर्ल्स स्कूलों को केवल गर्ल्स स्कूल में ही शिफ्ट किया जाना चाहिए ! 

         प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव उज्जैन के ही हैं। उन्हीं के गृहनगर में गरीब परिवारों के विद्यार्थियों के साथ यह सब कुछ हो रहा है, जो नहीं होना चाहिए। आशा है, मुख्यमंत्री इस दिशा में तुरंत पहल कर 7 किलोमीटर दूर शिफ्ट किए जा रहे विद्यार्थियों को न्याय प्रदान करेंगे।     

                           ***********************

सोनने.jfif

डा. चंदर सोनाने मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क विभाग से संयुक्त संचालक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उज्जैन में निवास कर रहे हैं। उनकी सामयिक और सामाजिक विषयों पर विशेष रूचि है और वे सरोकारस्तम्भ मे जरिये जनहित से सरोकार रखने वाले मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय व्यक्त करते हैं।  

*********************************