हार के बाद कप्तान अक्षर पटेल बोले- इस खिलाड़ी से थी ज्यादा उम्मीद, कोच हेमंग बदानी भी नाराज
नई दिल्ली: चेन्नई से हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में मायूसी, कुलदीप यादव की खराब फॉर्म बनी सिरदर्द
चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों मिली आठ विकेट की करारी शिकस्त ने दिल्ली कैपिटल्स की आंतरिक चिंताओं को सतह पर ला दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम में स्पिनरों के अनुकूल हालात होने के बावजूद स्टार स्पिनर कुलदीप यादव का प्रभावहीन रहना टीम की हार का एक बड़ा कारण बनकर उभरा। मैच के बाद कोच हेमंग बदानी और कप्तान अक्षर पटेल के बयानों में कुलदीप के प्रदर्शन को लेकर बेचैनी साफ तौर पर महसूस की गई। कुलदीप ने अपने तीन ओवरों के कोटे में बिना कोई सफलता हासिल किए 34 रन लुटा दिए, जिसने टीम प्रबंधन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। कोच बदानी ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि टीम अपने प्रमुख स्पिनर से कहीं बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखती है और उनका मौजूदा स्तर उनके वास्तविक सामर्थ्य से काफी नीचे नजर आ रहा है।
कोच और कप्तान ने कुलदीप के प्रदर्शन पर जताई कड़ी प्रतिक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोच हेमंग बदानी ने कुलदीप की फॉर्म पर नाराजगी और समर्थन का मिला-जुला रुख अपनाते हुए कहा कि कुलदीप फिलहाल अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं हैं और उनकी गेंदबाजी की गति भी सामान्य से अलग दिख रही है। हालांकि उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि टीम अपने पुराने मैच विजेता खिलाड़ी के साथ खड़ी रहेगी, लेकिन यह साफ कर दिया कि अब सुधार की सख्त जरूरत है। दूसरी ओर, कप्तान अक्षर पटेल ने भी अपने जोड़ीदार कुलदीप की धार कम होने पर निराशा व्यक्त की। अक्षर ने माना कि गेंदबाजी के दौरान उन्हें दूसरे छोर से जिस सहयोग की उम्मीद थी, वह नहीं मिल पाया। कप्तान का यह इशारा सीधे तौर पर कुलदीप की गिरती फॉर्म की ओर था, जो दिल्ली के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ माने जाते हैं।
शुरुआती झटकों और रन गति ने बिगाड़ा दिल्ली का खेल
दिल्ली की हार के कारणों का विश्लेषण करते हुए कोच बदानी ने बताया कि टीम ने मुकाबले के पहले 10 ओवरों में ही अपनी पकड़ खो दी थी। महज 70 रनों के स्कोर पर आधी टीम के पवेलियन लौट जाने के कारण दिल्ली निर्धारित ओवरों में केवल 155 रन ही बना सकी, जो इस पिच पर बचाव के लिए नाकाफी थे। कप्तान अक्षर पटेल का भी मानना था कि निचले क्रम की बल्लेबाजी के बावजूद टीम 10 से 15 रन पीछे रह गई। बदानी के अनुसार, आठ प्रमुख बल्लेबाजों के साथ खेलने के बावजूद इतनी जल्दी विकेट गिरना किसी भी टीम के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। पिच की कठिन प्रकृति के बावजूद टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना चाहिए था, जिसमें शीर्ष क्रम पूरी तरह विफल रहा।
प्लेऑफ की राह हुई कठिन और अब सुधार की कोई गुंजाइश नहीं
इस हार ने दिल्ली कैपिटल्स को अंक तालिका में ऐसी स्थिति पर खड़ा कर दिया है जहां से प्लेऑफ का रास्ता बेहद संकरा हो गया है। कोच हेमंग बदानी ने टीम को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है और आगे बढ़ने के लिए शेष चारों मुकाबलों में जीत दर्ज करना अनिवार्य है। अक्षर पटेल ने भी अपने खिलाड़ियों को आगाह किया है कि अब छोटी सी गलती भी टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। दिल्ली के लिए अब हर मैच 'करो या मरो' की स्थिति वाला बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कुलदीप यादव जैसे प्रमुख खिलाड़ी समय रहते अपनी पुरानी लय में नहीं लौटे, तो दिल्ली की खिताबी उम्मीदें इसी सीजन में दम तोड़ सकती हैं।

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