मौसम में अस्थायी राहत के बाद फिर तपेगा राजस्थान, 9 मई बाद लू का खतरा
जयपुर: राजस्थान में आंधी और बारिश से मौसम हुआ सुहाना, तापमान में गिरावट के बीच भीषण गर्मी की चेतावनी
राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से जारी आंधी और छिटपुट बारिश ने आम जनता को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन मौसमी गतिविधियों की वजह से प्रदेश के अधिकांश जिलों में पारा सामान्य स्तर से नीचे चला गया है, जिससे मई की शुरुआत में भी लोगों को भीषण गर्मी का अहसास नहीं हो रहा है। जयपुर मौसम केंद्र का मानना है कि राहत का यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक बरकरार रह सकता है, हालांकि विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि यह सुकून अधिक समय तक टिकने वाला नहीं है और जल्द ही सूरज के तेवर फिर से कड़े होने वाले हैं।
पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बादलों की आवाजाही और हल्की बौछारों का अनुमान
आगामी 24 घंटों के दौरान भरतपुर संभाग सहित पूर्वी राजस्थान के अनेक क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है, जहाँ दोपहर के बाद आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही दक्षिणी जिलों जैसे उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, पाली और सिरोही में भी बादलों की गर्जना के साथ बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं। बादलों के इस असर और ठंडी हवाओं के चलते राज्य के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान फिलहाल 40 डिग्री सेल्सियस के दायरे के भीतर ही सिमटा हुआ है, जिससे दोपहर के समय चलने वाली लू से राहत मिली हुई है।
9 मई के बाद फिर लौटेगी भीषण गर्मी और हीटवेव का बढ़ेगा प्रकोप
मौसम विभाग ने अपनी नई चेतावनी में स्पष्ट किया है कि राहत का यह दौर 9 मई तक ही सीमित रह सकता है, जिसके बाद पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गर्मी का प्रचंड रूप दोबारा देखने को मिलेगा। जैसलमेर, जोधपुर और फलोदी जैसे रेतीले इलाकों में तापमान एक बार फिर 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान के पश्चिमी अंचल में भीषण हीटवेव यानी लू चलने की स्थितियां बन रही हैं, इसलिए लोगों को आने वाले सप्ताह में भीषण गर्मी और उमस का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
तापमान में दर्ज की गई गिरावट और मौसमी बदलाव के पीछे के कारण
उदयपुर संभाग सहित कई अन्य क्षेत्रों में हालिया बारिश के चलते दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री की महत्वपूर्ण कमी आई है, जिसने मई के महीने को अब तक सहनीय बनाए रखा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बन रहे दबाव के चलते ही प्रदेश में आंधी और बारिश की स्थिति पैदा हुई है। हालांकि, जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा, राजस्थान के मैदानी और रेगिस्तानी इलाकों में शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा और तापमान में तेजी से उछाल आएगा। फिलहाल विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को मौसम के बदलते रुख के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।

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