मदन राठौड़ ने विपक्ष को घेरा, कहा- जनता के फैसले पर उठ रहे सवाल गलत
जयपुर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का विपक्ष पर करारा प्रहार, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक ढांचे का किया बचाव
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पश्चिम बंगाल चुनाव के संदर्भ में विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी दुनिया में अपनी पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए विख्यात है, इसलिए बिना किसी ठोस आधार के संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना केवल लोकतांत्रिक मूल्यों को आघात पहुँचाने की एक कोशिश है। राठौड़ ने जोर देकर कहा कि भाजपा ने हमेशा अपनी सेवा और समर्पण के बल पर जनता का दिल जीता है, जबकि विपक्ष अपनी संभावित विफलताओं का ठीकरा संस्थाओं पर फोड़कर जनादेश का अपमान करने का काम कर रहा है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और विकास की राजनीति पर चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला देते हुए कहा कि राजनीति का मुख्य उद्देश्य बदले की भावना नहीं बल्कि समावेशी विकास होना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वहां लंबे समय से राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के विरुद्ध होने वाली आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। राठौड़ ने कहा कि इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री ने हमेशा संयम और राज्य की प्रगति के लिए मिलकर काम करने का संदेश दिया है, जो एक परिपक्व और जिम्मेदार नेतृत्व की पहचान है।
विपक्ष की दोहरी नीति और चयनात्मक दृष्टिकोण पर खड़े किए सवाल
मदन राठौड़ ने विपक्षी दलों की दोहरी मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा कि जब ये दल केरल या तमिलनाडु में जीत हासिल करते हैं, तब इन्हें चुनावी प्रक्रिया में कोई दोष नजर नहीं आता, लेकिन पश्चिम बंगाल में हार सामने देख ये तुरंत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर संदेह करने लगते हैं। उन्होंने इस रवैये को लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति असंगत और चयनात्मक दृष्टिकोण करार दिया। भाजपा नेता ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे हार-जीत को खेल भावना से स्वीकार करें और जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए देश के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं, न कि आधारहीन आरोपों के जरिए भ्रम फैलाएं।
आरजीएचएस योजना की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
राजस्थान सरकार की आरजीएचएस योजना को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करते हुए राठौड़ ने कहा कि सरकार की मंशा किसी भी जनहितकारी योजना को बंद करने की नहीं है, बल्कि इसे भ्रष्टाचार मुक्त और अधिक प्रभावी बनाने की है। उन्होंने बताया कि योजना के दुरुपयोग की कुछ शिकायतों के आधार पर जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जहां किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई जाएगी, वहां सेवाएं तुरंत बहाल कर दी जाएंगी, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले केंद्रों या व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है और इसमें किसी भी स्तर पर पारदर्शिता से समझौता नहीं होगा।

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के IPL प्लेऑफ खेलने पर सस्पेंस
Palash Sen ने शेयर कीं अभिषेक और आयुष्मान संग अनदेखी तस्वीरें
स्वामी रामभद्राचार्य के बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल
टाटा ट्रस्ट्स में मतभेद खुलकर सामने आए, 8 मई की बैठक अहम
सोना-चांदी ने फिर बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी ₹2.51 लाख किलो के पार