हरिद्वार: कुंभ मेला 2027 के आयोजन को भव्य और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने हरकी पैड़ी पर बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसके तहत ब्रह्म कुंड के समीप तीन अस्थायी रैंपों के निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई है, जिस पर लगभग 139.60 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन रैंपों का निर्माण विशेष रूप से श्रद्धालुओं, विभिन्न अखाड़ों के संन्यासियों और स्नानार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है ताकि वे बिना किसी बाधा के पवित्र स्नान कर सकें। अधिकारियों ने इस पूरी परियोजना को दो महीने की समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

भीड़ प्रबंधन और सुगम आवागमन की रणनीति

कुंभ मेले के दौरान हरकी पैड़ी पर उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी उद्देश्य से इन अस्थायी रैंपों को तीन स्टील सेतु पुलों से जोड़ा जाएगा, जिससे घाटों पर दबाव कम होगा और लोग आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकेंगे। यह ढांचागत विस्तार न केवल भीड़ को नियंत्रित करने में सहायक होगा बल्कि आपातकालीन स्थिति में निकासी के लिए भी एक सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। शासन का मानना है कि 2027 में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए यह परियोजना सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी।

स्टील सेतु पुलों से जुड़ेगा मेला क्षेत्र

तकनीकी रूपरेखा के अनुसार, प्रत्येक रैंप की लंबाई लगभग 200 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर रखी जाएगी। इन रैंपों के माध्यम से श्रद्धालु ब्रह्म कुंड से सीधे नदी के दूसरी ओर स्थित मेला आरक्षित क्षेत्र के खुले मैदानों तक पहुँच सकेंगे। तीन अलग-अलग सेतु मार्गों के निर्माण से आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध होंगे, जिससे मुख्य घाटों पर भगदड़ जैसी स्थितियों की आशंका कम हो जाएगी। कुंभ की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के संकल्प के साथ इस निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।

समयबद्ध निर्माण और भविष्य की तैयारियां

कुंभ मेले की आधिकारिक शुरुआत से दो महीने पहले ही इन रैंपों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि मुख्य आयोजन के दौरान व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद रहें। प्रशासन इन अस्थायी ढांचों को मजबूती प्रदान करने के लिए आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग कर रहा है। समय पर मिली प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब धरातल पर काम शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह निर्माण कार्य कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए की जा रही व्यापक तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे हरिद्वार आने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभव को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सके।