हिन्दू कॉलेज पूर्व छात्र संघ का

20वां विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार समारोह सम्पन्न

 

नई दिल्ली, 21 सितम्बर। हिन्दू कॉलेज के ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (OSA) द्वारा रविवार को इंडिया हैबिटैट सेंटर, सिल्वर ओक में प्रतिष्ठित 20वां ओएसए हिन्दू कॉलेज विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार 2025 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति मनमोहन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू प्रधानमंत्री की अरुणाचल यात्रा के कारण समारोह में शामिल नहीं हो सके। उनका पुरस्कार अरुणाचल प्रदेश फॉरेस्ट कॉरपोरेशन के चेयरमैन एवं हिन्दू कॉलेज के पूर्व छात्र श्री नालोंग मिज़े ने ग्रहण किया।

पुरस्कार विजेता

  • आजीवन उपलब्धि पुरस्कार : श्री राजीव नायर (वरिष्ठ अधिवक्ता)
  • विशेष पुरस्कार एवं सम्मान :
    • श्री विक्रम मिस्री विदेश सचिव के रूप में लोकसेवा में उत्कृष्ट कार्य
    • श्री पेमा खांडू तीन बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगदान
    • श्री इम्तियाज़ अली सिनेमा एवं ओटीटी में उल्लेखनीय योगदान
  • विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार :
    • न्यायमूर्ति अजय दिगपॉल न्यायपालिका में उत्कृष्टता
    • समीर सिन्हा, वंदना गुर्नानी, विवेक कुमार सिविल सेवा में उत्कृष्टता
    • जी. वी. राव, अजय वर्मा विधिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य
    • राजीव सिंह सुरक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता
    • मुक्तेश परदेशी विदेश सेवा में उत्कृष्ट कार्य
    • साकेत कुमार युवा उपलब्धिकर्ता, सिविल सेवा

      समारोह में ओएसए अध्यक्ष श्री रवि बर्मन ने कहा कि हिन्दू कॉलेज ने पिछले 126 वर्षों में अनेक विशिष्ट व्यक्तित्व राष्ट्र को दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्र-निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि पूर्व छात्र, वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा दिखाते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ओएसए, कश्मीरी गेट स्थित हिन्दू कॉलेज के पुराने भवन के पुनरुद्धार एवं वहां एक स्मारक संग्रहालय  स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

 ओएसए सचिव अजय वर्मा ने सभी पुरस्कार विजेताओं के सम्मान पत्र का वाचन किया। यह आयोजन पूर्व छात्रों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां वे राष्ट्र एवं चरित्र निर्माण की दिशा में अपने अनुभव साझा करते हैं और नवपीढ़ी को सहयोग देने का संकल्प लेते हैं।