मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर लांच किए नए एंटी-स्कैम टूल्स
सैन फ्रांसिस्को । यूजर्स को ऑनलाइन ठगी से बचाने मेटा कंपनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नए एंटी-स्कैम टूल्स लॉन्च किए हैं। साइबर अपराधी अब पहले की तुलना में ज्यादा चालाक हो गए हैं और तुरंत ठगी करने के बजाय धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें जाल में फंसाते हैं। ऐसे में इन टूल्स का उद्देश्य यूजर्स को फेक जॉब ऑफर, फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए पैसे मांगने और अकाउंट लिंकिंग जैसे धोखाधड़ी के तरीकों से पहले ही सावधान करना है। नए फीचर्स संदिग्ध गतिविधियों पर पहले ही चेतावनी देकर यूजर्स को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। फेसबुक पर अब संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर यूजर्स को अलर्ट मिलेगा। यदि किसी ऐसे अकाउंट से रिक्वेस्ट आती है जिसमें बहुत कम म्यूचुअल फ्रेंड्स हैं या जिसकी लोकेशन अलग देश की दिखाई देती है, तो स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाई देगा। इससे यूजर्स को यह तय करने का समय मिलेगा कि वे उस रिक्वेस्ट को स्वीकार करें या ब्लॉक कर दें। फिलहाल यह फीचर परीक्षण चरण में है और धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य फेक प्रोफाइल के जरिए होने वाली ठगी को कम करना है। इसी तरह व्हाटसऐप में भी नया वार्निंग सिस्टम जोड़ा गया है। कई मामलों में स्कैमर्स लोगों को कॉल या मैसेज कर यह दावा करते हैं कि उन्होंने कोई प्रतियोगिता जीत ली है या उनका अकाउंट वेरिफाई करना जरूरी है।
इसके बाद वे क्यूआर कोड स्कैन कराने या फर्जी वेबसाइट पर फोन नंबर डालने के लिए कहते हैं, जिससे यूजर का अकाउंट उनके डिवाइस से लिंक हो जाता है। नए सिस्टम के तहत अगर किसी डिवाइस लिंकिंग रिक्वेस्ट का व्यवहार संदिग्ध लगेगा तो तुरंत चेतावनी संदेश दिखाई देगा कि यह स्कैम हो सकता है। फेसबुक मैसेंजर में भी एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन फीचर शुरू किया जा रहा है। यदि किसी नए कॉन्टैक्ट की चैट में फर्जी नौकरी के ऑफर, निवेश योजनाएं या पैसे मांगने जैसे संकेत मिलते हैं, तो ऐप यूजर को चेतावनी देगा। इसके बाद यूजर से पूछा जाएगा कि क्या वह हाल के मैसेज एआई से जांच के लिए साझा करना चाहता है।
यदि यूजर सहमति देता है तो एआई बातचीत का विश्लेषण करके बताएगा कि मामला संदिग्ध है या नहीं और जरूरत पड़ने पर ब्लॉक या रिपोर्ट करने की सलाह देगा। कंपनी के अनुसार पिछले वर्ष उसने 15.9 करोड़ से अधिक स्कैम विज्ञापनों को हटाया, जिनमें से 92 प्रतिशत को किसी यूजर रिपोर्ट से पहले ही पहचान लिया गया था। इसके अलावा इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लगभग 1.09 करोड़ ऐसे अकाउंट्स बंद किए गए जो आपराधिक स्कैम नेटवर्क से जुड़े थे। मेटा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फेक सेलिब्रिटी प्रोफाइल, ब्रांड की नकल करने वाले अकाउंट्स और भ्रामक लिंक की भी पहचान कर रहा है। कंपनी का मानना है कि खासतौर पर भारत जैसे देशों में, जहां व्हाट्सऐप का उपयोग बहुत व्यापक है, ये फीचर्स लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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