होली खेलें.....रंग लगाएं लेकिन .... ध्यान दें

भोपाल। होली खेलने से पहले त्वचा और बालों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, तभी रंगों का आनंद पूरी तरह लिया जा सकता है। इस संदेश के साथ  भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के त्वचा रोग विभाग ने होली के अवसर पर विशेष परामर्श जारी किया है। संस्थान ने सभी से अपील की है कि रंगों के इस उत्सव को उत्साह के साथ-साथ सावधानी और स्वास्थ्य-सुरक्षा को ध्यान में रखकर मनाया जाए।

     एम्स भोपाल के त्वचा विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि होली खेलने से पहले बालों में हल्का तेल या कंडीशनर लगाएं, जिससे रंगों का सीधा प्रभाव कम हो। शरीर पर मॉइस्चराइज़र की मोटी परत लगाने और खुले हिस्सों पर जल-प्रतिरोधी सनस्क्रीन लगाने को आवश्यक बताते हुए कहा है कि इससे त्वचा को सूखापन, जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं से बचाया जा सकता है।

    विशेषज्ञों से सलाह दी है कि होली खेलने के बाद त्वचा को जोर से रगड़कर रंग हटाने के बजाय पहले मॉइस्चराइज़र लगाकर त्वचा को मुलायम करें, फिर हल्के क्लेंज़र से चेहरा और शरीर साफ करें। स्नान के बाद पुनः मॉइस्चराइज़ करना जरूरी है। बालों को धोते समय गर्म पानी से परहेज करने और हल्के शैम्पू के प्रयोग की भी सलाह दी गई है।

      इसी सकारात्मक और स्वास्थ्य-केंद्रित संदेश के साथ एम्स भोपाल परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि एकता, सौहार्द और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया। छात्रों, संकाय सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपने व्यस्त शैक्षणिक और चिकित्सकीय दायित्वों से समय निकालकर एक साथ होली का उल्लास साझा किया।

     संस्थान प्रशासन ने कहा है कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करता है। एम्स भोपाल निरंतर शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्रोत्साहित करता रहा है, और यह आयोजन उसी परंपरा की एक कड़ी है। प्रशासन ने शुभकामनाएँ देते हुए आग्रह किया कि वे सुरक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से होली मनाएं, ताकि रंगों का यह त्योहार जीवन में आनंद, सकारात्मकता और समृद्धि का संदेश फैलाता रहे।

न्यूज़ सोर्स : एम्स भोपाल