जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राजधानी जयपुर समेत जोधपुर और कोटा में गहलोत सरकार के समय बनाए गए दो-दो नगर निगमों को मर्ज कर दिया है. अब इन तीनों शहरों में दो-दो नगर निगम नहीं बल्कि एक-एक नगर निगम ही होगा. स्वायत शासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. भजनलाल सरकार ने सत्ता में आते ही इनको मर्ज करने की मंशा जाहिर कर दी थी. अब उस मंशा को अमली जामा पहना दिया गया है.

इस अधिसूचना के बाद अब इन शहरों में जयपुर नगर निगम, कोटा नगर निगम और जोधपुर नगर निगम ही रहेंगे. जयपुर में नगर निगम ग्रेटर और नगर निगम हेरिटेज को मर्ज किया गया है. वहीं जोधपुर तथा कोटा में नगर निगम उत्तर और दक्षिण को मर्ज किया गया है. इन शहरों में पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने दो-दो नगर निगम बनाए थे. भजनलाल सरकार के स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने काफी पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि इन शहरों में दो-दो नगर निगम होने का कोई औचित्य नहीं है. यहां फिर से नगर निगमों को मर्ज किया जाएगा.

नगर निगमों की संख्या 13 से घटकर फिर से 10 हो जाएगी
यह अधिसूचना नगर निगमों के वर्तमान कार्यकाल पूरा होने की तिथि से प्रभावी होगी. अब इस मसले पर राजनीति गरमाने के आसार हो गए हैं. विपक्षी पार्टी कांग्रेस इसका पहले से ही विरोध जता रही थी. उसका कहना था कि यह जनता के हितों पर कुठाराघात है. इस अधिसूचना के बाद अब राजस्थान में नगर निगमों की संख्या 13 से घटकर फिर से 10 हो जाएगी. गहलोत सरकार ने साल 2019 में जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो निगम बना दिए थे.

भजनलाल सरकार ने 9 जिले और तीन संभाग भी खत्म कर दिए थे
उल्लेखनीय है कि भजनलाल सरकार ने बीते दिनों पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय बनाए गए 17 नए जिलों में से 9 को खत्म कर दिया था. इसके साथ ही नए बने तीन संभागों सीकर पाली और बांसवाड़ा को भी खत्म कर दिया था. इस मसले पर पूरे प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया था. कांग्रेस और खत्म किए गए जिलों के लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था.