आज का चिंतन
आपका दिन शुभ हो, मंगलमय हो
आज का चिंतन
- संजय अग्रवाल
समाधान ढूंढते हैं...
ऑफिस में या
सामाजिक जीवन में
लोग बतलाते रहते हैं कि
समस्याएं बहुत हैं
या फिर कि
काम क्यों नहीं हो रहा है,
उसके कई सारे कारण
बताने लगते हैं
लेकिन वह इस विषय पर
बात नहीं करना चाहते कि
काम कैसे हो सकता है या
उपाय कैसे निकल सकता है
और ऐसा वह शायद
इसलिए करते हैं कि
वह काम करने से,
जिम्मेदारी लेने से,
बचना चाहते हैं।
समस्या है तो समाधान भी है...
किसी भी कार्य में
रुकावट या परेशानी
आ सकती हैं
स्थितियां प्रतिकूल
हो सकती हैं
संसाधनों की भी कमी
हो सकती है
लेकिन वह कार्य होगा ही नहीं,
ऐसा नहीं होता है।
ढूंढने से, खोजने से,
पूछने से, करने से,
कोई ना कोई उपाय
मिल ही जाता है
और कार्य संपन्न होता ही है।
नजरिया या दृष्टिकोण...
जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि
यदि आप समाधान का
हिस्सा नहीं है तो
आप स्वयं ही समस्या हैं और
यह बड़ी गहरी और सच्ची बात है।
आपने यदि इसे सही अर्थों में
समझ लिया तो
आप हमेशा समाधान का
हिस्सा बने रहेंगे और
निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।
क्या करें...
धैर्य, साहस, विश्वास से
कार्य की ओर
एक-एक कदम बढ़ाते रहें,
सभी उपलब्ध और
संभव संसाधनों का
भरपूर उपयोग करें,
आवश्यकता अनुसार सहयोग और
मार्गदर्शन लें,
अपनी संपूर्ण क्षमताओं का
अधिकतम उपयोग करें,
पुरुषार्थ और पराक्रम की
पराकाष्ठा पर पहुंचें,
यही अभीष्ट होता है,
यही समाधान होता है।
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श्री संजय अग्रवाल आयकर विभाग, नागपुर में संयुक्त आयकर आयुक्त हैं. वे हमेशा लोगों से सम्पर्क और संवाद करने के लिये इच्छुक रहते हैं। इसीलिए वे संपर्क, संवाद और सृजन में सबसे अधिक विश्वास करते हैं। मानवीय मूल्यों और सम्बंधों के सूक्ष्म विश्लेषण के चितेरे श्री अग्रवाल "आज का चिंतन" नियमित रूप से लिख रहे हैं।

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