निजी अस्पतालों से काफी सस्ता इलाज एम्स भोपाल में

       भोपाल। निजी अस्पतालों की तुलना में कम खर्च में उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए भोपाल के अखिल भारतीय आयुविर्ज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक बुजुर्ग महिला मरीज को असहनीय दर्द से राहत दिलाई है। इस उन्नत चिकित्सा के लिए जहां निजी अस्पतालों में इंट्राथीकल बैक्लोफेन पंप प्रत्यारोपण पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च आता है, वहीं एम्स भोपाल में यही उपचार लगभग 7 लाख रुपये में किया गया। इस आधुनिक उपचार से उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की 65 वर्षीय महिला को नई जिंदगी मिली है।

       महिला रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद स्पास्टिक पैराप्लेजिया नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। इस बीमारी में मांसपेशियां बार-बार अनियंत्रित रूप से जकड़ जाती हैं, जिससे मरीज को अत्यधिक दर्द होता है। हालत यह थी कि उन्हें न दिन में आराम मिल रहा था और न रात में नींद। परिवार ने कई स्थानों पर इलाज कराया, दवाइयां बदलीं और खुराक बढ़ाई, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं हुआ। लगातार दर्द से मरीज के साथ परिजन भी मानसिक रूप से परेशान थे।

      आखिरकार महिला को एम्स भोपाल लाया गया, जहां दर्द चिकित्सा यूनिट और न्यूरोसर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने जांच के बाद इंट्राथीकल बैक्लोफेन थेरेपी की सलाह दी। इस तकनीक में दवा को सीधे रीढ़ की हड्डी के आसपास मौजूद तरल पदार्थ में पहुंचाया जाता है, जिससे कम मात्रा में दवा अधिक प्रभावी ढंग से काम करती है और दुष्प्रभाव भी कम होते हैं।

उपचार से पहले ट्रायल के रूप में इंट्राथीकल इंजेक्शन दिया गया, जिसका परिणाम बेहद सकारात्मक रहा। मरीज की जकड़ी हुई मांसपेशियां तुरंत ढीली पड़ गईं और उन्हें तत्काल राहत मिली। इसके बाद स्थायी समाधान के रूप में त्वचा के नीचे छोटा प्रोग्रामेबल इंट्राथीकल ड्रग डिलीवरी पंप सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया, जो नियंत्रित मात्रा में लगातार दवा देता रहता है।

     उपचार के बाद महिला अब दर्द और मांसपेशियों की जकड़न से मुक्त हैं। उन्हें सामान्य रूप से नींद आने लगी है और परिजनों ने भी राहत महसूस की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह थेरेपी उन मरीजों के लिए बेहद कारगर है, जिन्हें सामान्य दवाओं से राहत नहीं मिलती। देश के चुनिंदा अस्पतालों में उपलब्ध यह सुविधा अब एम्स भोपाल में अपेक्षाकृत कम खर्च करने पर मिलने से गंभीर दर्द से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। (प्रतीकात्मक चित्र ए.आई. की मदद से)