ये है “उदय”...... हम सबका साथी
ये है “उदय”...... हम सबका साथी
आधार का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में सबसे पहले अपनी पहचान परिचय पत्र याद आता है भले ही हमें 12 अंकों का नम्बर याद न हो। वर्तमान में आधार नागरिकों का एक जरूरी परिचय पत्र बन गया जिसका प्राय: सभी योजनाओं, सरकारी कार्यों में पहचान आदि में उपयोग हो रहा है। आधार भले ही नागरिकों की पहचान का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है लेकिन इसकी स्वयं की अपनी कोई पहचान नहीं थी लेकिन अब आधार को अपनी पहचान मिल गई है। आधार को शुभंकर अर्थात प्रतीक चिन्ह मिल गया है और इसे नाम दिया गया है उदय । आज आधार का शुभंकर (प्रतीक चिन्ह) जारी किया, जो लोगों को आधार सेवाओं की सरल जानकारी देने के लिए सुलभ माध्यम है। उदय नामक यह शुभंकर आधार से संबंधित जानकारी अधिक सहज और सुलभ उपलब्ध कराने में सहायक होगा। यह अपडेट, प्रमाणीकरण, ऑफ़लाइन सत्यापन, जानकारी साझा करने, नई तकनीक अपनाने, दायित्वपूर्ण उपयोग आदि आधार सेवाओं के कार्यांवयन को सरल बनाएगा।
जानिए शुभंकर उदय कैसे अस्तित्व में आया ?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार का शुभंकर (प्रतीक चिन्ह) बनाने के उद्देश्य से माईगव प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय डिज़ाइन और नामकरण प्रतियोगिता आयोजित की थी। इस प्रतियोगिता में विशेषकर छात्र, पेशेवर, डिज़ाइनर आदि ने काफी रुचि दिखाई । शुभंकर निर्माण और नामकरण के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को देश भर से 875 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्रत्येक प्रतिभागी ने आधार के महत्व की अपने अपने तरह से अनूठी व्याख्या की। चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और सटीकता के लिए बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई। संस्थागत लगन और परिश्रम से जनमानस की कल्पना को आकार देने वाला सुंदर परिणाम निकलकर सामने आया। शुभंकर डिजाइन प्रतियोगिता में केरल के त्रिशूर के अरुण गोकुल प्रथम विजेता रहे, जबकि महाराष्ट्र के पुणे के इदरीस दवाईवाला को द्वितीय और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के कृष्णा शर्मा को तीसरा पुरस्कार मिला।
भोपाल की रिया जैन ने दिया शुभंकर का नाम उदय
आधार के नाम से तो देश के सभी आयु वर्ग के नागरिक परिचित हैं क्योंकि सभी नागरिकों के आधार कार्ड बनाए गए हैं। जब आधार के प्रतीक चिन्ह को बनाने की बात चली तो इसके नाम को लेकर भी विचार विमर्श हुआ और तय किया गया कि आधार के शुभंकर का नाम भी आम नागरिकों से प्राप्त किए जाएं। इसके लिए नाकरण प्रतियोगिता आयोजित की गई। शुभंकर के नामकरण के लिए आयोजित प्रतियोगिता में भोपाल की रिया जैन ने प्रथम पुरस्कार जीता जबकि पुणे के इदरीस दवाईवाला दूसरे और हैदराबाद के महाराज सरन चेल्लापिल्ला तीसरे स्थान पर रहे।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने आज तिरुवनंतपुरम में आयोजित समारोह में यह शुभंकर जारी कर विजेताओं को सम्मानित किया। श्री मिश्रा ने कहा कि शुभंकर भारत के इकरीब डेढ़ अरब लोगों के लिए आधार संबंधी संचार सरल, अधिक समावेशी और सुलभ बनाने के निरंतर प्रयासों का एक सार्थक कदम है। इस अवसर पर यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश कुमार ने कहा कि खुली राष्ट्रीय प्रतियोगिता द्वारा लोगों को शुभंकर डिजाइन और नामकरण के लिए आमंत्रित कर यूआईडीएआई ने जन भागीदारी से विश्वास और स्वीकृति बढ़ने के आधार के मूल सिद्धांत की पुष्टि की है। इसके प्रति अत्यंत उत्साह ने दिखाया कि आधार को सार्वजनिक हित के उपाय के तौर पर लोग काफी मान्यता देते हैं। यूआईडीएआई के उप महानिदेशक विवेक सी वर्मा ने कहा कि इस शुभंकर के एक साथी और वाचक के रूप में शामिल होने से लोगों को आधार संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

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