AI जनित वीडियो को लेकर बढ़ा विवाद, हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई - Artificial Intelligence) द्वारा निर्मित कुछ वीडियो और रील्स को लेकर गहरा वैचारिक व सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। इंटरनेट पर सक्रिय कुछ विशिष्ट फेसबुक पेजों और प्रोफाइल्स पर एआई तकनीक की मदद से बनाई गई ऐसी रीलें अपलोड की जा रही हैं, जिनमें सनातन धर्म के प्रमुख देवी-देवताओं को लेकर अत्यधिक आपत्तिजनक, असत्य और भ्रामक दावे किए जा रहे हैं। इन विवादित वीडियो के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होते ही स्थानीय हिंदू संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपनी गहरी नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया है।
एआई वीडियो में दिखाए गए भ्रामक दृश्य, समाज में तनाव फैलाने की साजिश का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे इन एआई-जनरेटेड वीडियो में जानबूझकर ऐसी स्क्रिप्ट और दृश्यों को तैयार किया गया है जो धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाते हैं। वीडियोज में भगवान श्री विष्णु और भगवान भोलेनाथ के एआई अवतारों को लेकर बेहद आपत्तिजनक और मनगढ़ंत दावे किए जा रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, कुछ रील्स में भगवान श्री राम और संकटमोचन हनुमान जी की छवि को भी कमतर दिखाने का प्रयास किया गया है।
तफ्तीश में यह सामने आया है कि 'फ्रॉम हेवन टू अर्थ' (From Heaven to Earth) नामक एक सक्रिय फेसबुक पेज से इस तरह की भ्रामक और विवादित शॉर्ट वीडियो रील्स को लगातार इंटरनेट पर पोस्ट किया जा रहा है।
दर्जनों रील्स किए गए पोस्ट, डिजिटल फॉरवर्डिंग पर उठे सवाल
उक्त फेसबुक पेज की पड़ताल करने पर पता चला है कि इस पर सनातन संस्कृति और आराध्य देवों की महिमा को ठेस पहुंचाने वाले दर्जनों एनिमेटेड और एआई सामग्रियां (कंटेंट) पहले से ही अपलोडेड हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि इस सुनियोजित कंटेंट को कुछ विशेष समूहों और मसीही समाज से जुड़े कुछ शरारती तत्वों द्वारा विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया हैंडल्स पर जानबूझकर तेजी से फॉरवर्ड और वायरल किया जा रहा है। संगठनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह कृत्य दो समुदायों के बीच आपसी सौहार्द को बिगाड़ने, बहुसंख्यक समाज की आस्था को आहत करने और युवाओं के मन में भ्रामक जानकारियां भरने की एक सोची-समझी डिजिटल साजिश का हिस्सा है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी, बजरंग दल ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
इन विवादित तस्वीरों और वीडियो के स्क्रीनशॉट्स सामने आने के बाद बजरंग दल के प्रांतीय अध्यक्ष रवि वाधवानी ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर या तकनीक का दुरुपयोग करके किसी भी धर्म की आस्था और पूजनीय प्रतीकों का इस तरह का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू संगठन इस पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और इस साइबर अपराध के खिलाफ जल्द ही साक्ष्यों के साथ पुलिस के आला अधिकारियों और साइबर सेल में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे। संगठनों ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट के माध्यम से धार्मिक वैमनस्यता का जहर उगलने वाले और इस पेज को संचालित करने वाले मुख्य एडमिन व इसे फॉरवर्ड करने वाले दोषियों के खिलाफ यदि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत तत्काल ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल पुलिस के खुफिया तंत्र ने भी सोशल मीडिया की इन गतिविधियों पर अपनी नजरें टिका दी हैं।

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