महमंद में अवैध प्लॉटिंग, कॉलोनीवासियों ने भूमि स्वामी के खिलाफ कराया एफआईआर
बिलासपुर । पिछले माह बिलासपुर कलेक्टर के आदेशानुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिलासपुर एवं नायब बिलासपुर के द्वारा 10 अक्टूबर को ग्राम पंचायत महमंद मे खसरा नंबर 151/217 पर बड़े पैमाने पर हो रहे अनाधिकृत विकास एवं अवैध कालोनी निर्माण पर बुलडोजर चलवा कार्यवाही की गई थी और कार्य को रोक दिया गया था। उक्त खसरा नंबर पर अवैध प्लाटिंग की जानकारी प्राप्त होने पर नायब तहसीलदार के द्वारा अवैध प्लाटिंग के संबंध मे जांच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया था। जिसमे पता चला कि उपरोक्त निरीक्षणाधीन भूमि के विभाजन के लिए कार्यालय नगर एवं ग्राम निवेश से अनुज्ञा प्राप्त नही की गयी थी। उपरोक्त निरीक्षणाधीन भूमि पर कोई आंतरिक एवं बाह्य विकास कार्य (यथा प्रस्तावित मार्ग, समतलीकरण, बाउंड्रीवाल, नाली, उपखंडो का चिन्हांकन) सक्षम प्राधिकारी की अनुमती से नही किया गया था। उपरोक्त निरीक्षणाधीन भूमि के विभाजन के लिए भूमि स्वामी को अन्य व्यक्ति के द्वारा दुष्प्रेरित नही किया गया है। उपरोक्त निरीक्षणाधीन भूमि छग भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 172 के तहत व्यपवर्तित भूमि नही था। उपरोक्त निरीक्षणाधीन भूमि का उपविभाजन करने वाले व्यक्ति के द्वारा कालोनी निर्माण हेतु कॉलोनाइजर के रूप में सक्षम अधिकारी से पंजीयन नही कराया गया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिलासपुर के द्वारा भूमि स्वामी हुसैन अली को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था एवं निर्धारित समय सीमा पर संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने एवं किसी भी प्रकार का विधिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर अवैध प्लाटिंग की विरुद्ध कार्रवाई की गई थी आज उसी कड़ी में भूमि स्वामी हुसैन अली के विरुद्ध उसी कॉलिनी वालो ने मिलकर थाने में शिकायत की और प्रदीप गुप्ता नामक व्यक्ति ने जिसे भूमि स्वामी हुसैन अली धोखे और झूठ बोल कर बेचा था। प्रदीप गुप्ता ने हुसैन अली के खिलाफ कल 18/11/2024 को तोरवा थाने में स्नढ्ढक्र दर्ज करवाया है। कॉलोनी के निर्माण कार्य को देख प्रतीत होता था जैसे मानो कोई टीएनसी रेरा पास कॉलोनी हो परन्तु ऐसा नही है वो पूर्णत: अवैध कॉलोनी था। चूंकि दस्तावेज के हिसाब से हुसैन अली भूमि स्वामी है परंतु स्थानीय लोगो से पूछने पे पता चला था कि हकीकत में ये जमीन राजेश अग्रवाल (राजू गर्ग) की है जो यहाँ की आम जनता को चकाचौंध दिखा जमीन की बिक्री कर चला गया है। यहाँ पर निवेश किये जनता का कहना है कि अब वो सब मिल कर बिल्डर के खिलाफ कल तोरवा थाने में एफआईआर दर्ज करवाया गया है ताकि उन्हें उचित न्याय मिल सके। कलेक्टर के आदेश पर अनुविभागीय अधिकारी एवं नायब तहसीलदार के इस कार्यवाही से अवैध प्लाटिंग वालो में एक हलचल से मच गया है कि कही अगली बारी उनकी तो नही। देखा जाए तो ये अच्छा है ये डर होना भी चाहिए ताकि निकट भविष्य में आम जनता के साथ कोई छल न हो सके।

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