सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर फोरलेन कॉरिडोर
Updated on 28 May, 2026 04:39 PM IST BY DAILYNEWSHUB.NET
सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर फोरलेन कॉरिडोर
छिंदवाड़ा। सिवनी - छिंदवाड़ा - सावनेर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-547 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-347 के अंतर्गत फोरलेन कारीडोर का निर्माण किया जाएगा । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा करीब 158 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया जा रहा है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और सिवनी क्षेत्र को महाराष्ट्र के नागपुर एवं सावनेर औद्योगिक क्षेत्र से तेज, सुरक्षित और उच्च क्षमता वाले सड़क नेटवर्क के माध्यम से जोड़ना है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में छिंदवाड़ा की औद्योगिक, व्यापारिक, पर्यटन और परिवहन गतिविधियों को नई गति प्रदान कर सकती है।
वर्तमान में छिंदवाड़ा से नागपुर और सिवनी की ओर जाने वाला मार्ग भारी वाहनों के दबाव, सीमित सड़क क्षमता और बढ़ते ट्रैफिक के कारण कई समस्याओं का सामना कर रहा है। कोयला परिवहन, औद्योगिक मालवाहक वाहनों और लंबी दूरी के यातायात के कारण कई स्थानों पर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती रहती है। फोरलेन निर्माण के बाद यातायात अधिक व्यवस्थित होगा तथा छिंदवाड़ा से नागपुर तक की यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुरक्षित हो सकेगी। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक परिवहन को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
यह परियोजना विशेष रूप से छिंदवाड़ा जिले की औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिले में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की कोयला खदानें संचालित हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में कोयले का परिवहन महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों तक किया जाता है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से कोयला परिवहन अधिक सुगम हो सकेगा और लॉजिस्टिक लागत में भी कमी आने की संभावना है। इसके अलावा बोरगांव औद्योगिक क्षेत्र में संचालित टेक्सटाइल, केमिकल, पाइप निर्माण, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग उद्योगों को भी इस परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा।
बेहतर सड़क संपर्क के कारण भविष्य में छिंदवाड़ा में नए निवेश की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं। औद्योगिक इकाइयों के लिए नागपुर जैसे बड़े लॉजिस्टिक और बाजार केंद्र तक तेज पहुंच उपलब्ध होने से उद्योग विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा। वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना भी जताई जा रही है।
परियोजना का लाभ केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी इससे बड़ी मजबूती मिल सकती है। छिंदवाड़ा जिले के तामिया, पातालकोट, देवगढ़ किला, जाम सांवली हनुमान मंदिर तथा आसपास के प्राकृतिक वन क्षेत्र लंबे समय से पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वर्तमान सड़क व्यवस्था के कारण पर्यटकों को लंबा यात्रा समय और खराब यातायात परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। फोरलेन बनने के बाद नागपुर और महाराष्ट्र से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे होटल, ट्रैवल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को लाभ मिलने की संभावना है।
छिंदवाड़ा के विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों को भी इस परियोजना से बड़ी राहत मिल सकती है। नागपुर शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। फोरलेन निर्माण के बाद यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा बेहतर होने से लोगों को अधिक सुविधाजनक यात्रा मिल सकेगी।
परियोजना की DPR में सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रस्तावित योजना में आवश्यकता अनुसार फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड, जंक्शन सुधार, रोड सेफ्टी बैरियर, आधुनिक साइनेज और ब्लैकस्पॉट सुधार जैसे प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं में कमी आने तथा यातायात संचालन को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि NH-547 एवं NH-347 के अंतर्गत प्रस्तावित सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर फोरलेन परियोजना भविष्य में छिंदवाड़ा को मध्य भारत के महत्वपूर्ण औद्योगिक और लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह परियोजना जिले की आर्थिक गतिविधियों, रोजगार, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण अवसंरचना पहल के रूप में देखी जा रही है।