आपका दिन शुभ हो, मंगलमय हो

 

 

 

 

 

आज का चिंतन

 

  • संजय अग्रवाल  

 

रास्ता और रुकावट

 

 

मंजिल मिल जाएगी

भटक कर ही सही

गुमराह तो वो हैं जो

घर से निकले ही नहीं... 

लक्ष्य की ओर ले जाने वाली 

कोई भी राह सीधी, सरल 

और निष्कंटक नहीं होती है।

भटकाव, पतन की ओर

ले जाने वाली 

हर राह आसान और

लुभावनी होती है।

 

विकल्प और अवसर

जब भी रास्ते में कोई

बाधा या रुकावट आए तो

यह अवसर होता है 

बेहतर विकल्प को तलाशने का,

संघर्षशीलता और

जुनून को परखने का,

प्रयासों का पुनरावलोकन करके 

स्वयं में

परिमार्जन करने का।

 

पराक्रम की पराकाष्ठा

तूफानों की ओर घुमा दो

नाविक निज पतवार..

शिवमंगल सिंह सुमन जी की

यह पंक्तियां 

उत्साह और प्रेरणा से

भर देती हैं। 

प्रयास करने में कभी

कोई कमी ना हो

बहाने बनाने की

दुर्बलता से दूर रहें

दोषारोपण की प्रवृत्ति से बचें

कर सकता था

लेकिन नहीं किया,

ऐसा कोई खेद,

पश्चाताप रह ना जाए,

तभी स्वयं में आत्म संतोष का

भाव उपजता है

और यही अभीष्ट होता है।

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श्री संजय अग्रवाल आयकर विभागनागपुर में संयुक्त आयकर आयुक्त हैं. वे हमेशा लोगों से सम्पर्क और संवाद करने के लिये इच्छुक रहते हैं इसीलिए वे संपर्कसंवाद और सृजन में सबसे अधिक विश्वास करते हैं  मानवीय मूल्यों और सम्बंधों के सूक्ष्म विश्लेषण के चितेरे श्री अग्रवाल "आज का चिंतन" नियमित रूप से लिख रहे हैं