आपका दिन शुभ हो, मंगलमय हो............................... आज का चिंतन....................हो ही गया होगा ...................... संजय अग्रवाल

आपका दिन शुभ हो, मंगलमय हो
आज का चिंतन
- संजय अग्रवाल
हो ही गया होगा
हमने किसी को
कोई काम दिया और
बाद में उससे पूछा कि
उस काम का क्या हुआ
तो वह बताता है कि
मैंने उस काम के बारे में
फलाने को बता दिया था
तो उसने वह काम
कर दिया होगा,
तो मुझे लगा कि
काम हो ही गया होगा..।
जवाबदारी
यदि हमको किसी कार्य की
जिम्मेदारी मिली है तो
उस कार्य को करके हमें,
संबंधित को तत्काल बतलाना चाहिए,
अन्यथा वह हमारे भरोसे में
रह जाता है और
कार्य नहीं होने पर उसका
दुखी और क्रोधित होना
स्वाभाविक होता है।
इससे विश्वसनीयता समाप्त होती है
और परस्पर संबंध भी।
मैंने सोचा, मुझे लगा
यह एक गंभीर बीमारी होती है
और इसका इलाज यही है कि
किसी भी तथ्य की जांच,
हमें संपूर्णता के साथ,
संतोषजनक रूप से,
कर लेनी चाहिए और
इसकी सूचना सही तरीके से और
पूरी तरह से दूसरे को
अवश्य दे देनी चाहिए।
दूसरा हमसे पूछेगा,
इसकी प्रतीक्षा
कभी भी नहीं करनी चाहिए।
संवाद
किसी भी कार्य के करने
या होने के विषय में
उसी समय संवाद
कर लेना अनिवार्य होता है
अन्यथा इसमें चूक होने से
काम बिगड़ सकते हैं,
परेशानी हो सकती है।
इससे बचने का
एकमात्र उपाय
सही, सटीक और संपूर्ण संवाद
होता है और विश्वसनीयता
बनाए रखने के लिए भी
यही अभीष्ट होता है।
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श्री संजय अग्रवाल आयकर विभाग, नागपुर में संयुक्त आयकर आयुक्त हैं. वे हमेशा लोगों से सम्पर्क और संवाद करने के लिये इच्छुक रहते हैं। इसीलिए वे संपर्क, संवाद और सृजन में सबसे अधिक विश्वास करते हैं। मानवीय मूल्यों और सम्बंधों के सूक्ष्म विश्लेषण के चितेरे श्री अग्रवाल "आज का चिंतन" नियमित रूप से लिख रहे हैं।