पीठ दर्द से परेशान लोगों के लिये आशा की किरण

भोपाल। लगातार बढ़ती जीवनशैली संबंधी समस्याओं के बीच पीठ दर्द अब आम लेकिन गंभीर चुनौती बन रहा है। ऐसे में भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आधुनिक न्यूक्लियर मेडिसिन तकनीक के माध्यम से सटीक जांच की सुविधा उपलब्ध कराकर मरीजों के लिए उम्मीद की नई राह खोली है, जिससे समय पर सही कारणों का पता लगाकर प्रभावी उपचार संभव हो रहा है।

    एम्स भोपाल में उपलब्ध अत्याधुनिक स्पेक्ट-सीटी मशीन के माध्यम से बोन स्कैन किया जाता है, जो न्यूक्लियर मेडिसिन की एक महत्वपूर्ण जांच तकनीक है। यह जांच शरीर की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली दोनों की विस्तृत जानकारी देती है, जिससे रोग के स्थान और प्रकृति का सटीक पता लगाया जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के कुछ जोड़, विशेषकर कूल्हे और रीढ़ के बीच स्थित सैक्रोइलिएक जोड़ में सूजन या गठिया (सैक्रोइलाइटिस) भी दर्द का कारण बन सकते हैं। ऐसे में समस्या के वास्तविक कारण की पहचान करना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि मरीज को सही और समय पर उपचार मिल सके।

   वर्तमान समय में पीठ दर्द एक व्यापक समस्या बन चुकी है, जो विभिन्न कारणों से उत्पन्न हो सकती है। यह दर्द मांसपेशियों से जुड़ा हो सकता है, वहीं हड्डियों से संबंधित समस्याएं भी इसका प्रमुख कारण बनती हैं। रीढ़ की हड्डी में डिस्क संबंधी विकार, अंदरूनी हड्डी रोग, संक्रमण तथा कुछ मामलों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी पीठ दर्द के पीछे हो सकती हैं।

   यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से पीठ दर्द से पीड़ित है, तो उसे एम्स भोपाल के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में बोन स्कैन कराकर अपनी समस्या की सही जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि समय रहते उचित उपचार शुरू किया जा सके। एम्स भोपाल उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के जरिए आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में संस्थान के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग द्वारा पीठ दर्द जैसी आम लेकिन जटिल समस्या के सटीक निदान के लिए अत्याधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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