भोपाल में पीएनजी आपूर्ति ठप, हजारों उपभोक्ता परेशान

भोपाल। शहर में थिंक गैस कंपनी द्वारा प्रदत्त पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सेवा सोमवार  शाम अचानक बंद हो जाने से राज सम्राट नगर सहित अनेक क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ता परेशान हो गए। शाम लगभग सात बजे के आसपास गैस आपूर्ति बाधित होने के बाद लोगों के घरों में भोजन बनना तक मुश्किल हो गया। उपभोक्ताओं के अनुसार गैस आपूर्ति बंद होने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। लोग रसोई में भोजन बनाने की तैयारी कर रहे थे, तभी गैस का दबाव कम हो गया और कुछ ही देर में आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। इससे परिवारों को भोजन व्यवस्था के लिए वैकल्पिक उपाय तलाशने पड़े।

        स्थिति को और गंभीर इस कारण माना जा रहा है कि अधिकांश उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद अपने गैस चूल्हों में आवश्यक तकनीकी बदलाव करा लिए हैं। पीएनजी उपयोग के लिए चूल्हों के नोजल बदले जाते हैं, जिसके कारण एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध होने पर भी उसे सीधे उपयोग में नहीं लिया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार बिना तकनीकी संशोधन के पीएनजी के लिए अनुकूलित चूल्हे में एलपीजी का उपयोग करना दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में गैस आपूर्ति बंद होने पर उपभोक्ताओं के पास तत्काल कोई सुरक्षित विकल्प भी नहीं रहता।

      उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस आपूर्ति बंद होने के बाद कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कई अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। उनका कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से आपूर्ति बंद करनी पड़ी थी या आपूर्ति में कहीं क़ोई व्यवधान उत्पन्न हुआ है तो इसकी पूर्व सूचना मोबाइल संदेश, व्हाट्सएप अथवा अन्य माध्यमों से दी जानी चाहिए थी।

गौरतलब है कि बिजली वितरण कंपनियां नियोजित विद्युत कटौती अथवा रखरखाव कार्य की स्थिति में पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस भेजकर उपभोक्ताओं को पहले से सूचित करती हैं। संचार क्रांति के इस दौर में गैस जैसी आवश्यक सेवा प्रदान करने वाली कंपनी से भी इसी प्रकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है। लेकिन पीएनजी आपूर्ति बंद होने के मामले में उपभोक्ताओं को न तो कोई संदेश मिला और न ही शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी संवाद स्थापित किया गया।

उपभोक्ताओं ने मांग की है कि थिंक गैस कंपनी आपूर्ति बाधित होने के कारणों को सार्वजनिक करे, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस व्यवस्था बनाए तथा आपूर्ति बंद होने या रखरखाव कार्य की स्थिति में समय रहते उपभोक्ताओं को सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि रसोई गैस आज एक बुनियादी आवश्यकता  है और इसकी आपूर्ति में व्यवधान होने पर कंपनी की जवाबदेही भी उसी स्तर की होनी चाहिए। समाचार लिखे जाने तक रात के करीब 21 :45  बजे गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी।