मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता ! 15 जून तक सुझाव आमंत्रित
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता ! 15 जून तक सुझाव आमंत्रित
भोपाल। विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और पारिवारिक अधिकारों से जुड़े कानूनों में एकरूपता लाने की दिशा में मध्यप्रदेश में भी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। इसका सीधा प्रभाव परिवार संबंधी कानूनी व्यवस्थाओं, महिलाओं के अधिकारों, संपत्ति विवादों और सामाजिक ढांचे पर पड़ सकता है। इसी उद्देश्य से गठित समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति अब प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर नागरिकों से सीधे सुझाव प्राप्त करेगी। आम नागरिक आगामी 15 जून 2026 तक अपने सुझाव ऑनलाइन भी भेज सकेंगे।
समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार का मानना है कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर समान व्यवस्था लागू होने से कानूनी प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा मजबूत होगी। वहीं, इस विषय को सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी संवेदनशील माना जा रहा है, इसलिए व्यापक जनपरामर्श की प्रक्रिया शुरू की गई है।
उच्च स्तरीय समिति विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा परिवार से जुड़े अन्य कानूनी प्रावधानों का सामाजिक, प्रशासनिक और विधिक अध्ययन करेगी। विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समिति अपनी अनुशंसाएं तैयार करेगी।
प्रदेशभर में समिति के भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों की राय सीधे दर्ज की जा सके। सरकार का कहना है कि सभी सुझावों और आपत्तियों का सम्मानपूर्वक परीक्षण किया जाएगा।
जन सुझाव प्राप्त करने के लिए सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जहां नागरिक सीधे अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं। वेबसाइट का पता है …. ucc.mp.gov.in
ऑनलाइन सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता ! 15 जून तक सुझाव आमंत्रित